इंदौर। प्रदेश के बहुप्रतीक्षित इंदौर–दाहोद रेल लाइन प्रोजेक्ट में अब प्रगति साफ दिखाई देने लगी है। सोमवार से पीथमपुर और धार के बीच रेल ट्रैक की टेस्टिंग शुरू होने के साथ ही यह प्रोजेक्ट एक नए चरण में प्रवेश कर गया है। रेलवे अधिकारियों के मुताबिक, परीक्षण ट्रैक की गुणवत्ता और मजबूती परखने के लिए किया जा रहा है। सुरक्षा मानकों का भी बारीकी से निरीक्षण किया जा रहा है, ताकि भविष्य में ट्रेन संचालन सुरक्षित रहे। टेस्टिंग तीन दिन चलेगी, जिसमें ट्रैक की विभिन्न तकनीकी पहलुओं की जांच की जाएगी।
ट्रैक की मजबूती और सुरक्षा पर फोकस
परियोजना के अंतर्गत इंदौर से तिही तक का निर्माण कार्य पहले ही पूरा हो चुका है। वहीं तिही से धार तक का काम तेजी से आगे बढ़ाया जा रहा है और इसे कई हिस्सों में बांटकर पूरा किया जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि इस रणनीति से काम की गति और गुणवत्ता दोनों को बेहतर बनाया जा रहा है। हालांकि तिही से पीथमपुर के बीच सुरंग निर्माण अभी बाकी है, जिससे काम में कुछ तकनीकी चुनौतियां सामने आई हैं।
सुरंग के बीच अपनाया वैकल्पिक तरीका
चुनौतियों को देखते हुए निर्माण एजेंसियों ने वैकल्पिक तरीके अपनाए हैं। रेलवे निर्माण विभाग ने ट्रैक को तैयार करने के लिए ट्रैक टैम्पिंग मशीन का उपयोग किया है। इस मशीन को विशेष रूप से सड़क मार्ग से लाकर ट्रैक पर स्थापित किया गया, जो एक जटिल लेकिन जरूरी प्रक्रिया थी। इसके जरिए पीथमपुर से धार के बीच ट्रैक को समतल और मजबूत बनाया गया है। साथ ही टावर वैगन को भी सड़क के जरिए ट्रैक पर लाकर खड़ा किया गया है, जिससे परीक्षण कार्य संभव हो सका।
पहली बार टावर वैगन से हो रहा परीक्षण
23 मार्च से 26 मार्च 2026 के बीच टावर वैगन के माध्यम से ट्रैक का परीक्षण किया जा रहा है। निर्धारित गति सीमा पर वैगन चलाकर ट्रैक की स्थिरता और संचालन क्षमता को परखा जा रहा है। यह इस रेल लाइन पर पहली बार है जब इस तरह का परीक्षण किया जा रहा है। विशेषज्ञों के अनुसार, इस चरण के सफल होने से आगे के काम में तेजी आएगी। यह परीक्षण भविष्य में ट्रेन संचालन की दिशा तय करेगा।
वरिष्ठ अफसरों की निगरानी में काम जारी
मुख्य अभियंता (निर्माण) धीरज कुमार इस पूरे कार्य की निगरानी कर रहे हैं और इसके लिए वे मुंबई से इंदौर पहुंचे हैं। उन्होंने स्वयं टावर वैगन के जरिए पीथमपुर से धार तक ट्रैक का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान ट्रैक की स्थिति और गुणवत्ता का गहराई से मूल्यांकन किया गया। रेलवे प्रशासन का लक्ष्य है कि इस सेक्शन को जल्द से जल्द तैयार कर संचालन शुरू किया जाए। इसके साथ ही सुरंग निर्माण का कार्य भी समानांतर रूप से जारी रहेगा, जिससे पूरी परियोजना को समय पर पूरा किया जा सके।