Harsha Richhariya News: उज्जैन। हर्षा रिछारिया ने अक्षय तृतीया के पावन अवसर पर संन्यास ले लिया है। उज्जैन के मौनी तीर्थ आश्रम में विधि-विधान के साथ उन्हें दीक्षा दी गई और नया नाम स्वामी हर्षानंद गिरि मिला। ग्लैमर और डिजिटल पहचान छोड़कर उन्होंने अब धर्म, संस्कृति और समाज सेवा के लिए अपना जीवन समर्पित करने का संकल्प लिया है।
मौनी तीर्थ आश्रम में पंचायती निरंजनी अखाड़ा के पीठाधीश्वर महामंडलेश्वर स्वामी सुमनानन्द गिरी महाराज ने रिछारिया को सन्यास की दीक्षा दी है। परंपरा के अनुसार, उन्हें शिखा और दंड त्याग की विधि कराई गई। इसके साथ ही तरपान, पिंडदान और श्राद्ध कर्म भी कराए गए। यह पूर्व जन्म के त्याग और नए आध्यात्मिक जीवन की शुरुआत का प्रतीक माना जाता है।
धार्मिक अनुष्ठान पूरे होने के बाद हर्षा रिछारिया ने सन्यास ले लिया। नया नाम मिलने के बाद स्वामी हर्षानंद गिरि ने कहा कि, यह उनके जीवन का नया अध्याय है। उन्होंने संकल्प लिया है कि, जीवन धर्म, संस्कृति और समाज सेवा में समर्पित करेंगी और मर्यादा का पालन करेंगी।
हर्षा रिछारिया ने आज गृहस्थ जीवन से संन्यास लिया। उज्जैन में आज उन्होंने अपना तर्पण, पिंडदान और श्राद्ध किए। उनका नया नाम स्वामी हर्षानंद गिरी होगा। pic.twitter.com/jqY1OuC6OF
— Sachin Gupta (@Sachingupta) April 19, 2026
सन्यासियों की गरिमा को कलंकित न होने दें
महामंडलेश्वर स्वामी सुमनानन्द गिरी महाराज ने कहा कि, संन्यास दीक्षा एक गहन और अनुशासित प्रक्रिया है। इसमें व्यक्ति अपने पूर्व जीवन का त्याग करके अनुशासित रूप से आध्यात्मिक पद पर चलता है। सन्यासियों से आग्रह है कि, वे गरिमा को कभी कलंकित न होने दें।
कौन हैं हर्षा रिछारिया
30 वर्षीय हर्षा रिछारिया भोपाल की हैं। वे एंकरिंग और मॉडलिंग करती थीं। इंस्टाग्राम पर उनके लाखों से अधिक फॉलोअर्स हैं। वह इंस्टाग्राम पर धार्मिक और आध्यात्मिक विषयों से जुड़े कंटेंट बनाती थीं। दो साल पहले निरंजनी अखाड़े के महामंडलेश्वर स्वामी कैलाशानंद गिरि महाराज से दीक्षा ग्रहण की। अब उत्तराखंड में रहती हैं।
हर्षा रिछारिया का परिवार मूलतः उत्तरप्रदेश के झांसी का है। उनके पिता दिनेश बस कंडक्टर हैं और मां बुटीक चलाती हैं। हर्षा का एक भाई भी है जो प्राइवेट कंपनी में जॉब करता है।










