White Vulture in Khivni sanctuary: मध्य प्रदेश के सीहोर और देवास जिले में स्थित खिवनी वन्यजीव अभयारण्य में दुर्लभ सफेद गिद्धों का जोड़ा देखने को मिला है। वनकर्मियों को यह नजारा गिद्ध गणना प्रोग्राम के दौरान देखने को मिला। इजिप्शियन वल्चर प्रजाति के इन गिद्ध के अंडे होने की संभावना है। 

खिवनी वन्यजीव अभयारण्य में गिद्ध संरक्षण और संवर्धन प्रोग्राम के तहत गिद्धों की गणना शुरू की गई है। प्रबंधन ने अभयारण्य के 4 स्थान चिह्लित किए गए थे। इनमें से एक जगह सफेद गिद्ध नजर आए हैं। 

1990 के बाद से घटी संख्या 
वाइल्ड लाइफ एक्सपर्ट के मुताबिक, यह इजिप्शियन वल्चर प्रजाति के ये सफेद गिद्ध लुप्त प्राय हो चुके हैं। 1990 के बाद से इनकी संख्या में 90 प्रतिशत तक की कमी आई है। अब नए जोड़े मिलने से इनके संरक्षण को नई दिशा मिलेगी। 

यहां मौजूद हैं सफेद गिद्ध 
वाइल्ड लाइफ एक्सपर्ट की मानें तो सफेद गिद्धों की संख्या में तेजी से घटी है। वर्तमान में यह राजस्थान, हरियाणा, मध्य प्रदेश और गुजरात के कुछ हिस्सों में ही उपलब्ध हैं। सरकार ने इनके संरक्षण के लिए डाइक्लोफेनाक नाम दवा पर प्रतिबंध लगाया। साथ ही प्रजनन केंद्र स्थापित किए हैं।

साल में 2 बार गिद्ध गणना 
खिवनी वाइल्ड लाइफ सेंचुरी के रेंजर भीम सिंह सिसोदिया ने बताया कि गिद्ध गणना साल में दो बार की जाती है। दुर्लभ प्रजाति के गिद्ध जोड़े के मिलने से संभावनाएं प्रबल हुई हैं। आगामी वर्षों में इनकी संख्या में बढ़ोत्तरी होगी।

खिवनी वन्यजीव अभयारण्य की खासियत 

  • विंध्य और सतपुड़ा पर्वत श्रृंखलाओं के बीच स्थित खिवनी वन्यजीव अभयारण्य अपनी प्राकृतिक सौंदर्य और जैव विविधता का विख्यात है।
  • करीब 118.64 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में फैली इस वाइल्ड लाइफ सेंचुरी में तेंदुआ, नीलगाय, चीतल, सांभर, जंगली सूअर सहित अन्य प्रजाति के पक्षी उपलग्ध हैं।
  • यहां साल, सागौन, बांस और महुआ जैसे वृक्ष भी पाए जाते हैं। इसका कुछ हिस्सा देवास और कुछ हिस्सा सीहोर जिले में पड़ता है।