छिंदवाड़ा। जिले के दमुआ क्षेत्र में हुए सड़क हादसे में रेत से भरी एक ट्रैक्टर-ट्रॉली अनियंत्रित होकर पलट गई है और उसमें सवार तीन युवकों की मौके पर ही मौत हो गई। यह घटना सोमवार तड़के लगभग 3 से 4 बजे के बीच हनुमान मंदिर के पास झिरीघाट इलाके में हुई। हादसे के समय ट्रैक्टर में रेत भरी हुई थी और बताया जा रहा है कि यह रेत अवैध रूप से निकाली गई थी। पुलिस जांच में सामने आया कि ट्रैक्टर ग्राम ब्रजपुरा का था, जिसे रंजू उइके चला रहा था।
तीनों की घटना स्थल पर ही मौत
हादसे के दौरान ट्रैक्टर-ट्रॉली पलटने से वह और उसके साथ मौजूद उमेश धुर्वे और मोहन वट्टी ट्रैक्टर के नीचे दब गए, जिससे तीनों की मौके पर ही मौत हो गई। इस हादसे की सूचना ग्राम मांडई के निवासी अरविंद गरगाम ने पुलिस को दी, जिसके बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया है ताकि आगे की कानूनी प्रक्रिया पूरी की जा सके।
क्षेत्र में जारी है रेत का अवैध उत्खनन
इस घटना के पीछे एक गंभीर मुद्दा भी सामने आया है, वह है रेत का अवैध उत्खनन। स्थानीय सूत्रों के अनुसार, जिले में लंबे समय से रेत का अवैध कारोबार चल रहा है, जिसमें बिना नंबर के वाहन और बिना किसी सुरक्षा व्यवस्था के ट्रैक्टर-ट्रॉली का उपयोग किया जाता है। यह हादसा उसी लापरवाही और अवैध गतिविधि का परिणाम माना जा रहा है। ट्रैक्टर चालक संभवतः जल्दबाजी या डर के कारण वाहन पर नियंत्रण खो बैठा, जिससे यह हादसा हुआ।
रेत उत्खनन से राजस्व का नुकसान
यह घटना ने न केवल तीन परिवारों को गहरे दुख में डुबो दिया है, बल्कि प्रशासन और जिम्मेदार विभागों पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। यदि अवैध रेत खनन पर समय रहते सख्ती की जाती, तो शायद ऐसी घटनाओं को रोका जा सकता था। अब जरूरत है कि प्रशासन इस मामले को गंभीरता से ले और अवैध उत्खनन पर सख्त कार्रवाई करे, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं न हो सके। रेत के अवैध उत्खनन से सरकार को भी राजस्व का भारी नुकसान होता है।










