छिंदवाड़ा में जहरीले कफ सिरप से 26 बच्चों की मौत के मामले में कानूनी मुआवजे को लेकर नया विवाद सामने आया है। केंद्र सरकार ने राज्यसभा में स्पष्ट किया है कि, पीड़ित परिवारों को कानूनी मुआवजे के लिए ट्रायल पूरा होने तक इंतजार करना होगा।

मध्यप्रदेश। छिंदवाड़ा कफ सिरप कांड के पीड़ितों को कानूनी मुआवजे के लिए अभी लंबा इंतजार करना होगा। 26 मासूम बच्चों की मौत के मामले में मुआवजे का मसला अब तकनीकी विवाद में घिर गया है। रणदीप सिंह सुरजेवाला के द्वारा पूछे गए सवाल के लिखित जवाब में केंद्र सरकार ने कहा है कि, कानून के तहत मुआवजा अदालत तय करेगी जो दोषी कंपनी पर लगे जुर्माने से वसूला जाएगा। 

जुर्माने की राशि से मिलेगा मुआवजा
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने राज्यसभा सदस्य रणदीप सिंह सुरजेवाला को लिखित जवाब देकर बताया है कि, ड्रग एंड कॉस्मेटिक एक्ट 1940 की धारा 32(ख) के तहत अगर किसी व्यक्ति की मिलावटी दवाओं के चलते मौत होती है तो अदालत दोषी पर जुर्माना लगाएगा। इसी जुर्माने की राशि से पीड़ितों को मुआवजा दिया जाएगा।

कोल्ड्रिफ कफ सिरप से गई बच्चों की जान
बता दें कि, छिंदवाड़ा में कफ सिरप के चलते कई मासूम मारे गए थे। जहरीले कफ सिरप से कुछ मौत राजस्थान में भी हुई थी। कोल्ड्रिफ कफ सिरप के सेवन के बाद बच्चों की हालत बिगड़ गई थी। कुछ बच्चों को नागपुर एम्स में भर्ती किया गया था लेकिन अधिकतर बच्चों की मौत हो गई। जिस बच्चे की जान बची वह अब दृष्टिहीन है। इस त्रासदी के बाद कफ सिरप बैन कर दिया गया था।

डीईजी तय अनुपात से अधिक था
मामले की जांच के लिए एसआईटी का गठन किया गया। टीम ने सिरप बनाने वाली कंपनी के मालिक को गिरफ्तार भी किया था। इसके अलावा उस डॉक्टर को भी पुलिस ने पकड़ा था जिसने बच्चों को सिरप प्रिस्क्रिप्शन में लिखी। कोल्ड्रिफ कफ सिरप, जिसके कारण बच्चों की जान गई, उसमें तय अनुपात से अधिक डीईजी पाया गया।

MP सरकार ने दी थी सहायता
छिंदवाड़ा में जब एक के बाद एक 10 बच्चे मारे गए तो प्रशासन ने बच्चों के इलाज की व्यवस्था की। इसके अलावा मध्यप्रदेश सरकार ने पीड़ितों को 4 लाख रुपए की तत्काल आर्थिक सहायता देने का भी ऐलान किया था। छिंदवाड़ा के कई पीड़ित परिवारों को यह राशि मिल गई है। हालांकि केंद्र के द्वारा दिए गए जवाब में इसका जिक्र नहीं है।

करना पड़ सकता है लंबा इंतजार
केंद्र के जवाब के बाद एक बात साफ है कि, कानूनी मुआवजे (legal compensation) के लिए अभी पीड़ित परिवारों को लंबा इंतजार करना होगा। ट्रायल पूरा होने और अदालत द्वारा आरोपी को दोषी करार दिए जाने के बाद ही परिवारों को मुआवजा मिल पाएगा।