वाशिंगटन/मुंबई। जेफ्री एपस्टीन और अनिल अंबानी के बीच 2017 में हुई एक चैट सामने आने के बाद नया विवाद खड़ा हो गया है। गिरफ्तारी से कुछ महीने पहले भेजे गए इस संदेश में एपस्टीन ने अंबानी को ‘फेलो सर्वाइवर’ कहा था। उस समय दोनों ही कारोबारी और कानूनी संकट से गुजर रहे थे। अब अमेरिकी दस्तावेजों में इन बातचीत का जिक्र होने के बाद रिश्तों और संभावित संपर्कों को लेकर सवाल उठ रहे हैं।
पांच मार्च 2017 को अमेरिकी कारोबारी जेफ्री एपस्टीन ने भारतीय उद्योगपति अनिल अंबानी को भेजे संदेश में एपस्टीन ने लिखा कि जीवन में चाहे कोई भी व्यक्ति कितनी भी ऊंचाई पर क्यों न पहुंच जाए, वह तुरंत एक फेलो होलोकॉस्ट सर्वाइवर को पहचान लेता है। इसके बाद उसने लिखा कि आप सुल्तान और मैं एक जैसी नजर साझा करते हैं, जो एक मजबूत बंधन निर्मित करता है। आपसे सीखने की उम्मीद है।
इस पर अनिल अंबानी ने केवल थैंक्स लिखकर जवाब दिया। ये चैट्स एपस्टीन की गिरफ्तारी से कुछ महीने पहले की बताए जाते हैं। इन खुलासों के बाद दोनों के संबंधों को लेकर सवाल उठने लगे हैं। इस मैसेज की भाषा चौंकाने वाली थी। यहां होलोकॉस्ट शब्द का इस्तेमाल ऐतिहासिक घटना के अर्थ में नहीं, बल्कि एक प्रतीक के तौर पर किया गया माना जा रहा है। जानकारों के अनुसार एपस्टीन शायद दोनों की उस समय की मुश्किल परिस्थितियों की ओर इशारा कर रहा था।
उस दौर में अनिल अंबानी की कंपनी रिलायंस कम्युनिकेशंस (आरकॉम) भारी कर्ज में दबी थी। मार्च 2017 तक कंपनी पर लगभग 45,733 करोड़ का कर्ज था। इससे पहले उन्हें बैंक ऑफ इंडिया से 350 करोड़ रुपए और स्टेट बैंक ऑफ इंडिया से 565 करोड़ की राहत मिली थी, पर हालात नहीं सुधरे। आखिरकार 2017 में कंपनी को बंद करना पड़ा।
उधर, जेफ्री एपस्टीन भी उस समय कानूनी संकट से गुजर रहा था। 2016-17 के दौरान वह यौन शोषण से जुड़े मामलों में सिविल मुकदमों का सामना कर रहा था। यानी दोनों ही अपने-अपने क्षेत्रों में गंभीर चुनौतियों से जूझ रहे थे। अमेरिकी न्याय विभाग द्वारा जारी दस्तावेजों में दोनों के बीच हुई कुछ बातचीत का जिक्र है। इन दस्तावेजों में रक्षा सौदों, फंडिंग और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की विदेश यात्राओं जैसे मुद्दों पर चर्चा का उल्लेख किया गया है।
ये चैट्स एपस्टीन की गिरफ्तारी से कुछ महीने पहले की बताई जाती हैं। इन खुलासों के बाद दोनों के संबंधों को लेकर सवाल उठने लगे हैं। अब यह मामला इसलिए भी चर्चा में है क्योंकि अनिल अंबानी भारत में मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े मामलों और प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के समन का सामना कर रहे हैं। ऐसे में पुराने मैसेज और चैट सामने आने से विवाद फिर से ताजा हो गया है। हालांकि इन संदेशों का वास्तविक मतलब क्या था और दोनों के रिश्ते की प्रकृति क्या थी, यह अभी भी जांच का विषय है। इस पर अटकलों का दौर जारी है।









