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कैथल में काम न मिलने से आक्रोशित सैकड़ों मजदूरों ने जींद-कैथल रोड को पेड़ों की टहनियां रखकर जाम किया। पुलिस और DFSC ने मजदूरों को आश्वासन दिया कि उठान कार्य में तेजी लाई जाएगी।

कैथल-जींद रोड जाम: कैथल की अतिरिक्त अनाज मंडी में गेहूं का उठान न होने से नाराज मजदूरों और पल्लेदारों के सब्र का बांध सोमवार को टूट गया। काम न मिलने से आक्रोशित सैकड़ों मजदूरों ने जींद-कैथल रोड पर पेड़ों की टहनियां रखकर जाम लगा दिया। मजदूरों का आरोप है कि मंडी गेहूं से अटी पड़ी है, लेकिन उठान की सुस्त रफ्तार के कारण उन्हें मजदूरी नहीं मिल पा रही है।

"खाली हाथ लौटना पड़ता है" घर मजदूरों ने किया दर्द बयां 
जाम लगा रहे मजदूर सुरेश, रामपाल, रोशन और राहुल ने अपना दर्द बयां करते हुए कहा कि वे पिछले एक सप्ताह से रोजाना काम की तलाश में मंडी आ रहे हैं। उन्होंने कहा, "हम सुबह घर से इस उम्मीद में रोटी बांधकर लाते हैं कि आज दिहाड़ी मिलेगी, लेकिन दोपहर को अपनी ही रोटी खाकर खाली हाथ घर लौटना पड़ता है। बच्चे राह देखते हैं कि पिता शाम को कुछ लेकर आएंगे, लेकिन यहां तो शहर आने-जाने का किराया भी जेब से लग रहा है।"

उठान की रफ्तार बेहद धीमी
मजदूरों ने मंडी प्रशासन और ठेकेदारों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि मंडी में इस समय करीब 12 लाख गेहूं के कट्टे और भारी मात्रा में खुली फसल पड़ी है। अधिकारियों की अनदेखी के कारण मंडी अटी पड़ी है। मजदूरों के मुताबिक, नियमतः रोजाना 70 हजार कट्टों का उठान होना चाहिए, लेकिन मंडी से 1000 बैग भी नहीं उठाए जा रहे। ठेकेदार पर सख्ती न होने का खामियाजा गरीब मजदूरों को भुगतना पड़ रहा है।

पुलिस और DFSC ने खुलवाया जाम
सड़क जाम होने की सूचना मिलते ही पुलिस और डीएफएससी की टीम मौके पर पहुंची। अधिकारियों ने मजदूरों को आश्वासन दिया कि उठान कार्य में तेजी लाई जाएगी। करीब आधे घंटे की मशक्कत और समझाइश के बाद मजदूरों ने जाम खोला और यातायात बहाल हुआ।

अधिकारियों ने रखा पक्ष- रजिस्ट्रेशन के कारण हुई देरी
मौके पर पहुंचे डीएफएससी विरेंद्र कुमार ने बताया कि वाहनों के रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया के चलते उठान में थोड़ी देरी हुई है। उन्होंने मजदूरों को भरोसा दिलाया कि इस समस्या का समाधान जल्द कर लिया जाएगा और उठान कार्य को गति दी जाएगी ताकि मजदूरों को नियमित काम मिल सके।

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