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हरियाणा के नए सीएम बनने के बाद नायब सिंह सैनी ने शपथ ग्रहण की। लेकिन मंत्रिमंडल में शामिल होने के लिए विधायकों को अभी इंतजार करना पड़ेगा। पूर्व में रहे मंत्रियों में से केवल 5 को ही शपथ दिलाई गई। ऐसे में ओमप्रकाश यादव भी पूर्व मंत्री हो गए है।

Narnaul: हरियाणा की राजनीति में 12 मार्च की तारीख याद रखी जाएगी। इस दिन बड़ा बदलाव हुआ। भाजपा ने जजपा से गठबंधन तोड़ते हुए पहले मनोहरलाल ने राज्यपाल को सीएम पद से त्याग पत्र दिया। फिर शाम होते-होते शपथ ग्रहण आयोजित कर प्रदेश का नया सीएम नायब सैनी को बना दिया। हरियाणा में ओबीसी वर्ग में राव बिरेंद्र सिंह के बाद यह दूसरा सीएम का चेहरा है। लोकसभा चुनाव में ओबीसी वर्ग को एकजूट करने के लिए भाजपा ने यह राह चुनी है। दक्षिणी हरियाणा में ओबीसी वर्ग की अच्छी खासी तादाद है। भाजपा की इस सोच का फायदा कितना वोट में तब्दील होगा, यह तो भविष्य के गर्भ में है। हां, सीएम की शपथ लेने के बाद मंत्रीमंडल के तौर पर हरियाणा के पांच केबिनेट मंत्रियों को पुन: मंत्री पद की शपथ दिलाई गई।

मंत्रिमंडल में महेंद्रगढ़ को छोड़ दिया खाली

मंत्रिमंडल में महेंद्रगढ़ जिला को खाली छोड़ दिया गया है। उम्मीद जताई जा रही थी कि भाजपा पुन: उन्हीं मंत्री व राज्यमंत्रियों को शपथ दिलाएगी, साथ ही नए ओर चेहरों का नंबर भी मंत्री पद के लिए आ सकता है। लेकिन ऐसा नहीं हुआ। महेंद्रगढ़ जिला की बात करें तो चार में से तीन विधानसभा सीट पर भाजपा का कब्जा है। नारनौल से विधायक ओमप्रकाश यादव को नवंबर-2019 में राज्यमंत्री पद मिला था। उनके पास सामाजिक न्याय, सशक्तिकरण, अनुसूचित जातियों और पिछड़े वर्गों का कल्याण एवं अन्तोदय, सैनिक तथा अर्ध सैनिक कल्याण (स्वतंत्र कार्यभार) विभाग थे। मंगलवार को हुए शपथग्रहण समारोह में राज्यमंत्री ओमप्रकाश यादव को शपथ नहीं दिलाई गई। इससे नारनौल विधानसभा से जुड़े उनके कार्यकर्ता मायूस है। हालांकि उन्हें यह आस भी है कि अभी सिर्फ पांच विधायकों को ही शपथ दिलाई है। आने वाले दिनों में जब मंत्रिमंडल विस्तार होगा, तब नंबर जरूर आएगा।

डॉ. अभयसिंह यादव के मंत्री बनने की आस अभी बाकी

भाजपा के नए मंत्रिमंडल के लिए जो शपथ ग्रहण समारोह शाम को हुआ, उसमें आस थी कि नांगल चौधरी विधायक का नंबर भी मंत्री पद के लिए शामिल किया जाएगा, ऐसा नहीं हुआ। इससे उनके कार्यकर्ताओं में मायूसी छा गई। हालांकि उनके कार्यकर्ता अभी आस छोड़ नहीं रहे और भविष्य में मंत्रीमंडल विस्तार में डॉ. अभयसिंह यादव का नंबर आने की उम्मीद लगाए हुए है। दूसरी तरफ यह भी चर्चा रही कि विधानसभा चुनाव को तीन-चार माह का ही शेष समय है। जो मंत्री बनेंगे, वह इसी तीन-चार माह के लिए ही बनेंगे। कार्यकर्ताओं के कार्य भी ढंग से नहीं हो पाएंगे।

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