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रबी फसलों की खरीद को लेकर हरियाणा सरकार द्वारा लागू की गई नई नीतियों के विरोध में शनिवार को पूरे प्रदेश में किसानों ने मोर्चा खोल दिया। बता दें कि हिसार और हांसी, सिरसा (डबवाली),पंचकूला (पिंजौर) जैसे कई जिलों में विरोध प्रदर्शन किया जा रहा है।

Haryana Farmers' protest: संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर सुबह 11 बजे से दोपहर 3 बजे तक प्रदेश के नेशनल हाईवे, स्टेट हाईवे और मुख्य मार्ग पूरी तरह जाम रहे। हिसार, सिरसा, जींद, पंचकूला और करनाल समेत दर्जनों जिलों में किसानों के प्रदर्शन से जनजीवन प्रभावित हुआ।

कहीं टोल कब्जाया, कहीं पुलिस से भिड़ंत

  • हिसार और हांसी: रामायण टोल प्लाजा पर किसानों ने कब्जा कर सभी लेन बंद कर दीं। पुलिस और किसानों के बीच तीखी नोकझोंक हुई। रोडवेज और निजी बसों को वापस लौटा दिया गया, जिससे यात्री पैदल चलने को मजबूर हुए।
  • सिरसा (डबवाली): नेशनल हाईवे-9 पर खुइयां मलकाना टोल प्लाजा को किसानों ने 4 घंटे तक जाम रखा। एसडीएम और तहसीलदार के समझाने के बावजूद किसान बायोमेट्रिक नीति को तुरंत रद्द करने की मांग पर अड़े रहे।
  • जींद (नरवाना): दिल्ली-पटियाला हाईवे पर घासो गांव के पास किसानों ने सड़क पर बैठकर नारेबाजी की। जाम के कारण हाईवे के दोनों ओर कई किलोमीटर लंबी वाहनों की कतारें लग गईं।
  • पंचकूला (पिंजौर): पिंजौर-नालागढ़ हाईवे पर किसानों ने सरकार विरोधी नारेबाजी की। किसानों का आरोप है कि बायोमेट्रिक सत्यापन और पोर्टल की खामियों के कारण मंडियों में फसल बेचना असंभव हो गया है।
  • अन्य जिले: फतेहाबाद, रोहतक, सोनीपत, यमुनानगर और कैथल में भी हाईवे और अनाज मंडियों के बाहर भारी प्रदर्शन देखा गया।

किसान क्यों कर रहे हैं विरोध?
किसानों का आरोप है कि सरकार 'डिजिटल' होने के नाम पर प्रक्रिया को जटिल बना रही है। उनकी मुख्य आपत्तियां निम्न हैं:

  • बायोमेट्रिक नीति: मंडी में फसल बेचने के लिए बायोमेट्रिक सत्यापन को किसान 'समय की बर्बादी' बता रहे हैं।
  • ओटीपी और स्लॉट सिस्टम: मंडी आने के लिए पहले स्लॉट बुक करना और ओटीपी की अनिवार्यता का विरोध हो रहा है।
  • वाहन पंजीकरण: ट्रैक्टर-ट्रॉली के नंबर प्लेट की अनिवार्य जानकारी देने पर आपत्ति।
  • मेरी फसल-मेरा ब्यौरा: पोर्टल की तकनीकी खामियों और पंजीकरण की अनिवार्यता से किसान परेशान हैं।

प्रशासन का पक्ष
विभिन्न जिलों में पहुंचे प्रशासनिक अधिकारियों (SDM और तहसीलदार) ने किसानों को समझाने का प्रयास किया।अधिकारियों का तर्क है कि बायोमेट्रिक और ऑनलाइन स्लॉट सिस्टम से मंडियों में भीड़ कम होगी और पारदर्शिता आएगी। हालांकि, किसान नेता जसवीर सिंह भाटी ने स्पष्ट किया कि जब तक ये 'किसान विरोधी' आदेश वापस नहीं लिए जाते, आंदोलन जारी रहेगा।

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