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यह सनसनीखेज हत्या 23 नवंबर 2021 को हुई थी, जब तीन नकाबपोश हमलावरों ने कार्यालय के बाहर खड़े श्याम सुंदर और उनके परिजनों पर अंधाधुंध गोलियां बरसाई थीं। इस हमले में श्याम सुंदर की मौके पर ही मौत हो गई थी।

हरियाणा के जींद जिले में लगभग साढ़े तीन साल पहले हुए सनसनीखेज श्याम सुंदर हत्याकांड में न्यायपालिका ने एक ऐतिहासिक निर्णय सुनाया है। जींद की अतिरिक्त सत्र अदालत ने मामले की गंभीरता और पुलिस द्वारा पेश किए गए ठोस सबूतों को आधार मानते हुए सभी 11 आरोपियों को दोषी करार दिया है। न्यायाधीश जयबीर सिंह की अदालत ने दोषियों को न केवल उम्रकैद की सजा सुनाई, बल्कि उन पर आर्थिक दंड भी लगाया है। 

अंधाधुंध फायरिंग से दहला था शहर 
यह मामला 23 नवंबर 2021 का है, जिसने पूरे जींद शहर को हिलाकर रख दिया था। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार मृतक श्याम सुंदर अपने भतीजे हन्नी बंसल और भाई अंकुश के साथ अपने कार्यालय के बाहर खड़े थे। इसी दौरान तीन नकाबपोश हमलावरों ने अचानक उन पर ताबड़तोड़ गोलियां बरसानी शुरू कर दीं। इस भीषण हमले में श्याम सुंदर की मौके पर ही मृत्यु हो गई थी, जबकि हन्नी बंसल के पैर में गोली लगने से वे गंभीर रूप से घायल हो गए थे। वारदात के बाद हमलावर फरार होने में कामयाब रहे थे, जिसके बाद पुलिस ने हत्या, हत्या के प्रयास और आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज किया था। 

पुलिस की पैरवी और सबूतों की जीत
जींद पुलिस और उप जिला न्यायवादी (DDA) सुरेंद्र खटखड़ की ओर से अदालत में इस मामले की मजबूती से पैरवी की गई। वैज्ञानिक साक्ष्यों और गवाहों के बयानों ने दोषियों के खिलाफ कड़ी सजा का मार्ग प्रशस्त किया। पुलिस प्रवक्ता ने बताया कि जांच टीम ने घटनास्थल से मिले खोखों और अन्य तकनीकी साक्ष्यों को इतनी बारीकी से जोड़ा कि बचाव पक्ष की दलीलें टिक नहीं सकीं।

इन 11 दोषियों को मिली सजा
अदालत ने जिन आरोपियों को सजा सुनाई है, वे अलग-अलग जिलों से ताल्लुक रखते हैं। इनमें जींद के रहने वाले नरेश, धर्मेंद्र, बलजीत, रोशन और जगदीश शामिल हैं। इनके अलावा हिसार जिले के प्रदीप उर्फ गाठा, मंजीत उर्फ बंट्टू, पवन, सचिन उर्फ गांधी और सिसाय निवासी राजेश उर्फ लीला को भी दोषी पाया गया। सोनीपत के खंदराई निवासी कुलदीप को भी इस साजिश और हत्या का हिस्सा होने पर आजीवन कारावास की सजा मिली है।

न्यायालय ने दोषियों को अलग-अलग धाराओं के तहत कड़ी सजा सुनाई 
• धारा 302 (हत्या): आजीवन कारावास और 25,000 रुपये जुर्माना।
• धारा 120B (साजिश): उम्रकैद और 25,000 रुपये का दंड।
• धारा 307 (हत्या का प्रयास): 10 वर्ष का कठोर कारावास और 15,000 रुपये जुर्माना।
• शस्त्र अधिनियम (Arms Act): 7 वर्ष की जेल और 10,000 रुपये जुर्माना।
कुल मिलाकर प्रत्येक दोषी को 75-75 हजार रुपये का जुर्माना भरना होगा। यदि कोई दोषी जुर्माना राशि जमा करने में विफल रहता है, तो उसे दो वर्ष का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। 

व्यापारी वर्ग में काफी रोष था 
इस हत्याकांड के बाद जींद के व्यापारी वर्ग में काफी रोष था और उन्होंने आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी और कड़ी सजा की मांग को लेकर प्रदर्शन भी किए थे। अब अदालत के इस फैसले के बाद समाज में यह संदेश गया है कि कानून व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। पुलिस ने इस फैसले को अपनी जांच और न्याय प्रक्रिया की बड़ी जीत बताया है। 

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