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अपनी मांगों को लेकर झज्जर नगर परिषद के सफाई कर्मचारियों ने आज सरकार और स्थानीय प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। 

अंबेडकर चौक पर एकत्रित होकर कर्मचारियों ने न केवल कच्चे कर्मियों को पक्का करने की आवाज बुलंद की, बल्कि एक महिला पार्षद पर बदसलूकी का गंभीर आरोप लगाते हुए काम ठप करने का ऐलान कर दिया।

ठेका प्रथा का फूंका पुतला
कर्मचारी बड़ी संख्या में अंबेडकर चौक पर जमा हुए और वहां से नारेबाजी करते हुए नगर परिषद कार्यालय पहुंचे। गेट पर जोरदार प्रदर्शन करते हुए कर्मचारियों ने 'ठेका प्रथा' का पुतला दहन किया। कर्मचारियों का कहना है कि सरकार लंबे समय से उनकी जायज मांगों को अनसुना कर रही है, जिससे उनमें भारी रोष है।

पार्षद से माफी की मांग पर अड़े कर्मचारी
प्रदर्शन के दौरान सबसे ज्यादा गुस्सा वार्ड नंबर-19 की महिला पार्षद के खिलाफ देखने को मिला। सफाई कर्मचारियों का आरोप है कि उक्त पार्षद उनके साथ अक्सर अभद्र व्यवहार और बदसलूकी करती हैं। कर्मचारी नेताओं ने दो टूक शब्दों में कहा— "जब तक पार्षद सार्वजनिक रूप से माफी नहीं मांगतीं, तब तक सफाई कर्मचारी काम पर नहीं लौटेंगे।"

प्रमुख मांगों के साथ दी चेतावनी

  • कच्चे कर्मचारियों को पक्का करना: वर्षों से सेवा दे रहे कर्मियों को नियमित करने की मांग।
  • बदसलूकी पर कार्रवाई: महिला पार्षद के खिलाफ सख्त कदम उठाने की मांग।
  • ठेका प्रथा की समाप्ति: सफाई व्यवस्था में ठेकेदारी सिस्टम को खत्म करने की आवाज।

नेतृत्व के तेवर सख्त
सफाई कर्मचारी प्रधान शिवम चावरिया ने कहा कि कर्मचारियों के आत्मसम्मान के साथ किसी भी सूरत में समझौता नहीं किया जाएगा। वहीं, कर्मचारी नेता राजपाल ने सरकार को चेतावनी दी कि यदि मांगों पर जल्द विचार नहीं हुआ और पार्षद ने माफी नहीं मांगी, तो यह आंदोलन पूरे जिले में उग्र रूप ले सकता है।

नगर परिषद अधिकारियों को सौंपा मांग पत्र
प्रदर्शन के अंत में कर्मचारियों ने नगर परिषद के उच्च अधिकारियों को अपना मांग पत्र सौंपा। फिलहाल सफाई कार्य ठप होने की चेतावनी से शहर की स्वच्छता व्यवस्था पर संकट के बादल मंडराने लगे हैं।

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