दिल्ली पुलिस की साइबर सेल ने डिजिटल अरेस्ट का डर दिखाकर फ्रॉड करने वाले गिरोह का पर्दाफाश कर तीन आरोपियों को अरेस्ट किया है। आरोप है कि एक शख्स से करीब 14.20 लाख रुपये की ठगी की गई। मामला प्रकाश में आते ही पुलिस ने मामले की तेजी से जांच शुरू की और तीन आरोपियों को धर दबोचा। पुलिस का कहना है कि आरोपियों से पूछताछ के बाद इस गिरोह से जुड़े अन्य लोगों के नामों का भी खुलासा होने की उम्मीद है।
दिल्ली पुलिस के मुताबिक, पश्चिम विहार निवासी सत्यपाल गुप्ता ने 21 फरवरी को शिकायत दी थी कि उनके साथ ठगी हुई है। उन्होंने बताया कि उनके पास एक अनजान नंबर से व्हाट्सएप कॉल आई, जिसमें कॉलर ने खुद को वरिष्ठ पुलिसकर्मी बताया और कहा कि उनके बैंक खाते मनी लॉन्ड्रिंग में शामिल है। जल्द ही उन्हें गिरफ्तार किया जाएगा।
उसकी बात सुनकर बुरी तरह से डर गए, जिसके बाद कॉलर ने डिजिटल अरेस्ट करने की बात कही। इस पर उन्होंने कॉलर के अनुसार बताए गए बैंक खाते में 14 लाख 20 हजार रुपये ट्रांसफर कर दिए। इसके बाद अहसास हुआ कि उनके साथ ठगी हुई है। उन्होंने तुरंत पुलिस को शिकायत दी। पुलिस ने शिकायत के आधार पर तुरंत मामला दर्ज कर आरोपियों की तलाश शुरू कर दी।
पुलिस ने बताया कि जांच के दौरान उस बैंक खाते की डिटेल्स निकाली गईं, जिसमें राशि ट्रांसफर की गई थी। खाते की जांच से आरोपियों तक पहुंचने के कई सुराग मिले। इसके बाद पुलिस ने बैंक खाता धारक सशिंदर राम को 9 मार्च को कश्मीरी गेट आईएसबीटी से अरेस्ट कर लिया। पूछताछ में पता चला कि वह जानबूझकर अपना आईसीआईसीआई बैंक अकाउंट साइबर फ्रॉड के लिए इस्तेमाल करने दे रहा था। इसके बदले में वो आरोपियों से कमीशन लेता था।
पुलिस ने उसकी निशानदेही पर साइबर ठगी करने वाले आरोपी मोहम्मद कैफ और मोनिश को भी गिरफ्तार कर लिया। दोनों यूपी के रहने वाले हैं। पुलिस ने बताया कि मोहम्मद कैफ को कैराना और मोनिश को सहारनपुर से अरेस्ट किया है। यह दोनों आरोपी फर्जी बैंक खाते खुलवाने का काम करते थे। आरोपियों के पास से तीन मोबाइल फोन और कई दस्तावेज बरामद हुए, जिससे स्पष्ट हो गया कि वे एक संगठित गिरोह का हिस्सा हैं। बहरहाल, आरोपियों से पूछताछ जारी है। जल्द ही इस गिरोह से जुड़े अन्य आरोपियों को भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा।










