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हरियाणा के फतेहाबाद में कई दिनों से लगातार बढ़ रहे तापमान से जिले में बिजली की मांग बढ़ने लगी है। इन दिनों निगम के पास फ्रिक्वेंसी का लेवल 50.12 तक पहुंच गया है, जो 48 के नीचे आते ही बिजली के कट लगने शुरू हो जाएंगे। यहां पर पानीपत थर्मल से वाया नरवाना बिजली की आपूर्ति होती है।

सुरेन्द्र असीजा, फतेहाबाद: पिछले कई दिनों से लगातार बढ़ रहे तापमान से जिले में बिजली की मांग बढ़ने लगी है। इन दिनों निगम के पास फ्रिक्वेंसी का लेवल 50.12 तक पहुंच गया है, जो 48 के नीचे आते ही बिजली के कट लगने शुरू हो जाएंगे। यहां पर पानीपत थर्मल से वाया नरवाना बिजली की आपूर्ति होती है। तापमान में जब बिजली की डिमांड बढ़ती है तो इसका सीधा असर लाइन पर पड़ता है। लाइन पर बोझ पड़ते ही फ्रिक्वेंसी का स्तर डाऊन आ जाता है। इन दिनों अप्रैल महीने की बात करे तो फरवरी से करीब 2 करोड़ यूनिट ज्यादा की मांग चल रही है। बता दें कि अभी गेहूं कटाई के सीजन के कारण गांवों में बिजली सप्लाई दिन के समय बंद रहती है। ऐसे में आगे धान का सीजन आने पर बिजली की कितनी मांग बढ़ेगी, यह सोचकर अभी से बिजली निगम के अधिकारियों की चिंता बढ़ गई है।

फरवरी में रोजाना 29 लाख 40 हजार यूनिट की थी मांग

जानकारी अनुसार फरवरी मास में प्रतिदिन 29 लाख से 40 लाख यूनिट प्रतिदिन की डिमांड थी, जो मार्च में बढ़कर 35 लाख से 52 लाख यूनिट प्रतिदिन तक पहुंच गई। अप्रैल में गेहूं का सीजन आया तो दक्षिण हरियाणा बिजली विद्युत निगम ने गांवों में 12 घंटे बिजली कटौती शुरू कर दी ताकि गेहूं की फसल को कोई नुकसान न पहुंचे। इस सबके चलते भी अप्रैल में कटौती के बावजूद 40 लाख यूनिट प्रतिदिन की डिमांड आ रही है। बता दें कि जिला में करीब 1 लाख 10 हजार हैक्टेयर भूमि पर धान की खेती होती है। धान की बिजाई 25 जून से शुरू होनी है। धान की फसल में पानी की अधिक आवश्यकता होती है और नहरों में पानी की कमी के चलते किसान ट्यूबवैल पर ज्यादा निर्भर रहते हैं। ऐसे में बिजली की मांग बढ़ेगी और बिजली के कट लगेंगे।

तापमान बढ़ने से निगम अधिकारियों की बढ़ी चिंता

इस बार तापमान अप्रैल में ही बढ़ने से निगम के अधिकारियों को चिंता सताने लगी है कि जून में इसकी भरपाई कैसे होगी। मानसून आने में अभी दो माह से अधिक का समय पड़ा है, अभी से बिजली की मांग बढ़ने से निगम को व्यवस्था बनाए रखना एक टेढी खीर साबित हो सकता है। बिजली निगम के फतेहाबाद सर्कल में फतेहाबाद, टोहाना, रतिया, भूना, भट्टू, जाखल पड़ते हैं। इन क्षेत्रों में फतेहाबाद, टोहाना व रतिया में धान की खेती अधिक होती है। यहां पर फरवरी मास में 10 करोड़ 48 लाख यूनिट बिजली की खपत हुई जो मार्च में बढ़कर 12 करोड़ 85 लाख यूनिट तक पहुंच गई। अप्रैल में अब तक यह खपत 5 करोड़ 94 लाख यूनिट हो चुकी है। कटौती के बावजूद बिजली की डिमांड लगातार बढ़ रही है। जून में धान के सीजन के बाद डिमांड कितनी बढ़ेगी, इसका अंदाजा लगाया जा सकता है।

उपभोक्ता इन नंबरों पर दर्ज करवा सकते हैं शिकायत

दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम फतेहाबाद के कार्यकारी अभियंता संदीप मेहता ने कहा कि किसी भी प्रकार की बिजली से सम्बंधित शिकायत होने पर दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम के टोल फ्री नंबर 1912, 1800 180 4334 पर अपनी शिकायत दर्ज करवा सकता है। इसके अलावा फतेहाबाद शहर से सम्बंधित शिकायत मोबाइल नंबर 9812201249 या 9812201247 पर दर्ज करवाई जा सकता है। लोड बढ़ने के साथ पीछे से लाइट की सप्लाई बढ़ा दी जाती है। 33 केवी पर जितनी क्षमता होती है, उससे कम की सप्लाई दी जाती है ताकि कोई नुकसान न हो। 132 केवी की क्षमता बढ़ाने का प्लान समय-समय पर बनाया जाता है। निगम के मुख्यालय से आदेशों के बाद यह काम निरंतर चलता रहता है।

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