भानु के पैतृक गांव सांभली के सरपंच और परिजनों के पास अभी तक इस घटना की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं पहुंची है। अमेरिका में रह रहे स्थानीय भारतीय भी इसे केवल दहशत फैलाने की साजिश मान रहे हैं।

हरियाणा के करनाल जिले से ताल्लुक रखने वाले कुख्यात अपराधी भानु राणा को लेकर सात समंदर पार अमेरिका से एक बड़ी खबर सामने आ रही है। लॉरेंस बिश्नोई गिरोह से जुड़े 'सरपंच बॉस' नामक सोशल मीडिया हैंडल ने दावा किया है कि उन्होंने कैलिफोर्निया में भानु राणा की हत्या कर दी है। इस पोस्ट ने अपराध जगत और सुरक्षा एजेंसियों के बीच खलबली मचा दी है। हालांकि, इस वायरल दावे की आधिकारिक पुष्टि होना अभी बाकी है।

सोशल मीडिया पोस्ट में बेहद आक्रामक भाषा का इस्तेमाल 

लॉरेंस गैंग की ओर से जारी पोस्ट में बेहद आक्रामक भाषा का इस्तेमाल किया गया है। पोस्ट में लिखा गया है कि भानु राणा देशविरोधी गतिविधियों में संलिप्त था, इसलिए उसे मौत के घाट उतार दिया गया। गिरोह ने दावा किया कि उन्होंने भानु को मारकर जमीन में 10 फीट नीचे दफना दिया है ताकि उसकी लाश तक बरामद न हो सके। पोस्ट में यह भी याद दिलाया गया कि गिरोह ने एक साल पहले ही भानु को खत्म करने की चेतावनी दी थी।

लॉरेंस गैंग से 'दोस्ती' से 'दुश्मनी' तक का सफर 
भानु राणा मूल रूप से करनाल के सांभली गांव का निवासी था। सूत्रों की मानें तो करीब 4 साल पहले वह 'डंकी' (अवैध रास्ता) के जरिए अमेरिका पहुंचने में कामयाब रहा था। शुरुआत में वह लॉरेंस बिश्नोई गैंग के लिए ही काम करता था और विदेशों से हथियारों की तस्करी का नेटवर्क संभालता था।

हालांकि, लगभग एक साल पहले भानु के रिश्ते लॉरेंस गैंग से खराब हो गए। बताया जाता है कि उसने लॉरेंस के प्रतिद्वंद्वी गुटों से हाथ मिला लिया था। इसी गद्दारी और कथित 'देशविरोधी' गतिविधियों के कारण वह लॉरेंस गैंग की हिट लिस्ट में आ गया था। 

गिरफ्तारी और डिपोर्टेशन की खबरें 
नवंबर 2025 में यह खबर प्रमुखता से आई थी कि भानु राणा को अमेरिकी पुलिस ने हिरासत में ले लिया है। उस वक्त कयास लगाए जा रहे थे कि उसे जल्द ही भारत प्रत्यर्पित (डिपोर्ट) किया जाएगा। सुरक्षा एजेंसियां उसकी कस्टडी का इंतजार कर रही थीं, लेकिन किसी तकनीकी कारण से उसे भारत नहीं लाया जा सका और वह वहीं रह गया। 

परिजनों और ग्रामीणों को जानकारी नहीं 
भानु की मौत की खबर फैलने के बाद जब करनाल के सांभली गांव में उसके घर और सरपंच से संपर्क किया गया, तो उन्होंने इस बारे में अनभिज्ञता जताई। सरपंच प्रतिनिधि संजीत कुमार का कहना है कि भानु के पिता का देहांत वर्षों पहले हो चुका है और उसकी मां भी गांव में बहुत कम रहती हैं। फिलहाल परिवार या गांव में किसी के पास भी उसकी हत्या से संबंधित कोई आधिकारिक सूचना या फोन नहीं आया है। 

अमेरिका में रह रहे हरियाणवी युवाओं को संदेह 
कैलिफोर्निया में रह रहे करनाल के ही एक अन्य युवक रॉबिन ने इस दावे पर सवाल उठाए हैं। रॉबिन के अनुसार, अगर वहां किसी की हत्या होती है तो स्थानीय समाचार माध्यमों में इसकी चर्चा जरूर होती। रॉबिन का मानना है कि हो सकता है यह पोस्ट केवल दहशत फैलाने और अपना वर्चस्व दिखाने के लिए डाली गई हो, क्योंकि स्थानीय स्तर पर ऐसी किसी वारदात की कोई चर्चा नहीं है।

लॉरेंस ग्रुप की पोस्ट में अन्य गैंगस्टरों को भी चेतावनी
वायरल पोस्ट में न केवल भानु राणा की हत्या की बात कही गई है, बल्कि अन्य गैंगस्टरों को भी धमकी दी गई है। इसमें रोहित गोदारा का जिक्र कर कहा गया है कि उसका हश्र भी भानु जैसा ही होगा। साथ ही गिरोह ने गोल्डी ढिल्लों से अपना पल्ला झाड़ते हुए कहा कि उसका अब लॉरेंस गैंग से कोई संबंध नहीं है क्योंकि वह नशे के कारोबार में लिप्त हो गया है। इस पोस्ट के नीचे लॉरेंस ग्रुप के साथ-साथ जितेंद्र गोगी मान ग्रुप, काला राणा ग्रुप और अन्य सहयोगियों के नाम लिखे गए हैं। 

सोशल मीडिया पर ऐसे दावे करना कोई नई बात नहीं 
गैंगस्टरों के बीच सोशल मीडिया पर इस तरह के दावे करना कोई नई बात नहीं है। अक्सर प्रतिद्वंद्वी को डराने के लिए ऐसी खबरें फैलाई जाती हैं। हालांकि, जिस तरह से भानु राणा के लोकेशन और उसके पुराने विवादों का जिक्र किया गया है, उससे सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हैं। अब जांच का विषय यह है कि क्या वाकई अमेरिका में ऐसी कोई वारदात हुई है या यह केवल एक 'डिजिटल वॉर' का हिस्सा है। फिलहाल, करनाल पुलिस और जांच एजेंसियां अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इस इनपुट को वेरिफाई करने में जुटी हैं।