हरियाणा के गुरुग्राम (Gurugram) में पति ने अपनी ही पत्नी की जान लेने के लिए पेशेवर ज्ञान का खौफनाक इस्तेमाल किया था। सेक्टर-9 के एक निजी अस्पताल में कार्यरत 23 वर्षीय नर्स काजल की हत्या के मामले में पुलिस ने चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। जांच में पता चला है कि काजल के पति अरुण ने उसे एक नहीं, बल्कि दो अलग-अलग घातक इंजेक्शन एक साथ लगाए थे, जिस कारण महज 3 घंटे के भीतर उसकी जान चली गई।
एनेस्थीसिया और पेनकिलर का जानलेवा कॉम्बिनेशन
पुलिस की जांच में यह बात निकलकर सामने आई है कि आरोपी अरुण ने काजल को एनेस्थीसिया और डाइक्लोफेनेक के इंजेक्शन एक साथ दिए थे। इन रसायनों के मिश्रण और ओवरडोज से काजल की नाक से खून बहने लगा और शरीर पर इसके घातक दुष्प्रभाव (Side Effects) हुए।
हैरानी की बात यह है कि आरोपी अरुण खुद भी नशे के लिए एनेस्थीसिया के इंजेक्शन का इस्तेमाल करता था। पुलिस का मानना है कि उसे पहले से ही इन दवाओं के ओवरडोज से होने वाले खतरों और मौत की संभावना का अंदाजा था।
पैसे, नशा और आपसी कलह बनी वजह
काजल और अरुण की कहानी प्रेम से शुरू होकर प्रतिशोध पर खत्म हुई। काजल मूल रूप से उत्तर प्रदेश के कानपुर की रहने वाली थी और गुरुग्राम के एक अस्पताल में नर्स थी। वहीं, गाजियाबाद का निवासी अरुण उसी अस्पताल में एक्स-रे टेक्नीशियन था। साथ काम करते हुए दोनों में नजदीकियां बढ़ीं और नवंबर 2025 में उन्होंने प्रेम विवाह (Love Marriage) कर लिया।
शादी के कुछ समय बाद ही इनके रिश्तों में दरार आने लगी। काजल को पता चला कि अरुण नशे का आदी है। नशे की लत के कारण अरुण ने अपनी नौकरी भी गंवा दी थी। वह अक्सर काजल से पैसों की मांग करता और मना करने पर उसके साथ मारपीट करता था। परिवार का आरोप है कि अरुण उसे दहेज के लिए भी प्रताड़ित करता था।
आरोपी ने नशे की हालत में काजल से रुपयों की मांग की थी
वारदात से एक दिन पहले 17 मार्च को अरुण ने नशे की हालत में काजल से रुपयों की मांग की थी। इनकार करने पर उसने काजल को पीटा, जिसके विरोध में काजल ने उसे थप्पड़ जड़ दिया। इसी अपमान का बदला लेने के लिए अरुण ने हत्या की साजिश रची। 18 मार्च की सुबह पति-पत्नी के बीच फिर से पैसों को लेकर विवाद हुआ। उसके बाद अरुण ने 'निजी बातचीत' के बहाने काजल को घर के नीचे वाले कमरे में बुलाया। वहां उसने पहले से तैयार किए हुए दो इंजेक्शन काजल के बाएं हाथ में लगा दिए।
फर्श पर गिरकर बेहोश हो गई, तड़पकर मौत
इंजेक्शन लगते ही काजल की तबीयत बिगड़ने लगी, 10-15 मिनट के भीतर उसकी नाक से खून बहने लगा और वह फर्श पर गिरकर बेहोश हो गई। अस्पताल पहुंचने तक उसकी सांसें थम चुकी थीं।
सबूत मिटाने की कोशिश
वारदात को अंजाम देने के बाद अरुण ने साक्ष्यों को नष्ट करने का प्रयास किया। उसने इस्तेमाल की गई सिरिंज को बाथरूम में फेंक दिया और एनेस्थीसिया की खाली शीशी को बाहर नाले में डाल दिया। हालांकि पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए नाले से खाली शीशी और सिरिंज बरामद कर ली है। पोस्टमॉर्टम करने वाले डॉक्टरों ने भी काजल के बाएं हाथ पर सुई के निशान की पुष्टि की है। विसरा रिपोर्ट आने के बाद मौत के कारणों की वैज्ञानिक पुष्टि भी हो जाएगी।
सोशल मीडिया पर खुद को 'हैप्पी' दिखाती थी काजल
मृतक काजल सोशल मीडिया पर काफी सक्रिय रहती थी। उसके निजी जीवन में चल रहे तनाव और घरेलू हिंसा के बावजूद, वह अपनी रील्स (Reels) और पोस्ट के जरिए दुनिया को खुद को खुश दिखाने की कोशिश करती थी। उसकी मौत से कुछ समय पहले तक की उसकी सोशल मीडिया गतिविधियां उसके संघर्ष और भीतर छिपे दर्द की कहानी बयां करती हैं।
न्यायिक हिरासत में जेल भेजा
सेक्टर-10 थाने के एसएचओ (SHO) कुलदीप सिंह ने जानकारी दी कि आरोपी अरुण को पुलिस रिमांड के बाद अब न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है। पुलिस ने रिमांड के दौरान मामले से जुड़े कई महत्वपूर्ण सुराग और साक्ष्य एकत्रित किए हैं। जांच प्रक्रिया लगभग पूरी हो चुकी है और पुलिस जल्द ही कोर्ट में चार्जशीट पेश कर आरोपी को सख्त सजा दिलाने की तैयारी में है।
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