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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज वर्चुअल माध्यम से नई इलेक्ट्रिक बसों का शुभारंभ करेंगे। 'पीएम ई-बस सेवा' योजना के तहत मिली इन बसों के परिचालन से यात्रियों को सुविधा मिलेगी।

सिटी ब्यूटीफुल की सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था आज से एक नए युग में प्रवेश करने जा रही है। शहर की सड़कों पर आज से 25 अत्याधुनिक इलेक्ट्रिक बसों का परिचालन शुरू होने जा रहा है। इन बसों का औपचारिक शुभारंभ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी गुवाहाटी से वर्चुअल माध्यम (Video Conferencing) से करेंगे। इस गौरवशाली अवसर पर चंडीगढ़ के प्रशासक गुलाबचंद कटारिया भी उपस्थित रहेंगे। ये नई बसें केंद्र सरकार की 'पीएम ई-बस सेवा' योजना के अंतर्गत शहर को प्रदान की गई हैं। 

यात्रियों को नहीं करना पड़ेगा लंबा इंतजार 
चंडीगढ़ प्रशासन का मुख्य लक्ष्य शहरवासियों के सफर को सुगम और समयबद्ध बनाना है। फिलहाल शहर के कई प्रमुख मार्गों पर बसों के बीच का अंतराल 15 से 30 मिनट तक रहता है, जिससे यात्रियों को काफी प्रतीक्षा करनी पड़ती है। नई बसों के बेड़े में शामिल होने के बाद इस अंतराल को कम कर महज 10 मिनट करने की योजना है। इससे न केवल यात्रियों के समय की बचत होगी, बल्कि परिवहन सेवा भी अधिक विश्वसनीय बनेगी।

100 बसों का लक्ष्य 
भारत सरकार ने चंडीगढ़ के लिए कुल 100 इलेक्ट्रिक बसों के कोटा को मंजूरी दी है। इस दिशा में पहले चरण के तहत 25 बसें आज से अपनी सेवाएं शुरू कर रही हैं। प्रशासन को उम्मीद है कि फरवरी महीने के अंत तक 25 और बसें शहर पहुंच जाएंगी। शेष 50 बसों की खेप मार्च और अप्रैल के दौरान मिलने की संभावना है। सभी 100 बसें आने के बाद शहर का ट्रांसपोर्ट नेटवर्क पूरी तरह से बदल जाएगा।

तकनीकी कारणों से टला था कार्यक्रम
बता दें कि ये 25 बसें लगभग एक माह पहले ही चंडीगढ़ पहुंच चुकी थीं। शुरुआत में चंडीगढ़ प्रशासक ही इन्हें हरी झंडी दिखाने वाले थे और केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर ने भी इसमें शामिल होने की सहमति दी थी। परंतु, चूंकि यह एक केंद्रीय स्तर की योजना है, इसलिए इसका उद्घाटन प्रधानमंत्री द्वारा सुनिश्चित किया गया। इसी वजह से कार्यक्रम में थोड़ी देरी हुई, लेकिन अब सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं।

डीजल बसों की कमी होगी पूरी, पुराने रूट्स होंगे बहाल
पिछले साल नवंबर में प्रशासन ने 15 साल पुरानी लगभग 85 डीजल बसों को सड़कों से हटा दिया था, जिससे शहर के स्थानीय रूट्स पर बसों की भारी किल्लत हो गई थी। इस कमी को पूरा करने के लिए लंबी दूरी की बसों को अस्थायी रूप से शहर के भीतर चलाया जा रहा था। अब नई ई-बसों के आने से लंबी दूरी की बसें दोबारा अपने निर्धारित मार्गों पर लौट सकेंगी और स्थानीय स्तर पर भी पर्याप्त बसें उपलब्ध होंगी। वर्तमान में ट्राइसिटी में लगभग 80 इलेक्ट्रिक बसें पहले से ही संचालित हैं। 

केंद्र सरकार भी वित्तीय सहायता प्रदान करेगी 
इस ई-बस परियोजना के सफल संचालन के लिए प्रशासन ने 'पीएमआई इलेक्ट्रोमोबिलिटी सॉल्युशंस' के साथ अनुबंध किया है। केंद्र सरकार इस योजना के तहत 12 मीटर लंबी बसों के लिए आगामी 10 वर्षों तक 24 रुपये प्रति किलोमीटर की वित्तीय सहायता प्रदान करेगी। इसके अतिरिक्त, चार्जिंग सुविधाओं और आवश्यक इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित करने के लिए केंद्र से चंडीगढ़ को 11.87 करोड़ रुपये की ग्रांट मिलेगी। इससे न केवल प्रदूषण कम होगा, बल्कि शहर को ग्रीन मोबिलिटी की ओर ले जाने में मदद मिलेगी।

वरिष्ठ नागरिकों और दिव्यांगों का विशेष ध्यान
चंडीगढ़ ट्रांसपोर्ट अंडरटेकिंग (CTU) के निदेशक प्रद्युम्न सिंह के अनुसार, इन बसों को समावेशी बनाया गया है। इसमें वरिष्ठ नागरिकों, महिलाओं और दिव्यांगों की सुरक्षा और सुविधा के लिए विशेष इंतजाम किए गए हैं। प्रशासक गुलाब चंद कटारिया का मानना है कि जब तक मेट्रो प्रोजेक्ट धरातल पर नहीं आता, तब तक ट्रैफिक जाम की समस्या का एकमात्र समाधान एक मजबूत और आधुनिक बस सेवा ही है।

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