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महर्षि विश्वविद्यालय के द्वार का उद्घाटन कर छात्रों के साथ पुरानी यादें साझा कीं। मूल रूप से हिसार के रहने वाले जस्टिस सूर्यकांत ने यहीं से कानून की शिक्षा प्राप्त की थी।

भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) जस्टिस सूर्यकांत शनिवार को अपनी पुरानी यादों को ताजा करने हरियाणा के रोहतक पहुंचे। देश के सर्वोच्च न्यायिक पद पर आसीन होने के बाद अपनी 'अल्मा मेटर' (मातृसंस्था) महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय (MDU) में यह उनकी पहली यात्रा थी। इस दौरान उन्होंने न केवल विश्वविद्यालय के एक नए द्वार का लोकार्पण किया, बल्कि छात्रों और नागरिकों के साथ अपने जीवन के संघर्षपूर्ण अनुभवों को भी साझा किया। 

हेलीपैड पर भव्य स्वागत 
जस्टिस सूर्यकांत का सफर दोपहर को शुरू हुआ जब उनका हेलीकॉप्टर बाबा मस्तनाथ विश्वविद्यालय के हेलीपैड पर उतरा। यहां प्रशासन की ओर से रोहतक के उपायुक्त (DC) सचिन गुप्ता और पुलिस अधीक्षक (SP) सुरेंद्र भौरिया ने उनकी अगवानी की। इस मौके पर पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के कई वरिष्ठ न्यायाधीश भी उनके स्वागत के लिए मौजूद रहे। इसके पश्चात, वे सड़क मार्ग से कड़े सुरक्षा घेरे के बीच सीधे MDU परिसर पहुंचे।

महर्षि दयानंद विवि में पुरानी स्मृतियों को याद किया 
पत्रकारों से बातचीत करते हुए जस्टिस सूर्यकांत काफी भावुक नजर आए। उन्होंने गर्व से कहा कि यह वही विश्वविद्यालय है जहां से मैंने विधि (Law) की शिक्षा ली और यहीं से मेरे पेशेवर जीवन की शुरुआत हुई। भारत का मुख्य न्यायाधीश बनने के बाद यहां वापस आना मेरे लिए अत्यंत सुखद और गौरवमयी अनुभव है। मूल रूप से हिसार के एक गांव से ताल्लुक रखने वाले जस्टिस सूर्यकांत ने विश्वविद्यालय के गेट नंबर 3 पर कुलपति प्रोफेसर राजबीर सिंह के साथ औपचारिक चर्चा की और पुरानी स्मृतियों को याद किया।

युवाओं से कहा- सफलता का कोई शॉर्टकट नहीं होता 
सीजेआई ने देश की युवा पीढ़ी को प्रेरित करते हुए कहा कि सफलता का कोई शॉर्टकट नहीं होता। उन्होंने आह्वान किया कि युवा अपनी आंतरिक क्षमताओं पर अटूट विश्वास रखें। उन्होंने कहा कि चाहे आप न्यायपालिका में हों, राजनीति में, सिविल सेवाओं में या किसी अन्य पेशे में—कड़ी मेहनत, लगन और ईमानदारी ही आपको शीर्ष तक पहुंचा सकती है। उन्होंने अपने स्वयं के सफर को एक संघर्ष बताया और कहा कि हर भारतीय युवक में उच्चतम शिखर छूने की क्षमता है।

न्याय प्रणाली पर बढ़ता जन-विश्वास
देश में बढ़ते मुकदमों की संख्या पर पूछे गए एक सवाल के जवाब में सीजेआई ने सकारात्मक दृष्टिकोण रखा। उन्होंने तर्क दिया कि अदालतों में मुकदमों की बढ़ती तादाद इस बात का सबसे बड़ा प्रमाण है कि देश के आम नागरिक का भारतीय न्याय प्रणाली पर भरोसा बढ़ रहा है। लोग अपने अधिकारों के प्रति जागरूक हैं और उन्हें विश्वास है कि उन्हें न्यायपालिका से उचित न्याय मिलेगा। 

'एलुमिनी मीट' और सम्मान समारोह में सुरक्षा के कड़े इंतजाम 
जस्टिस सूर्यकांत यहां आयोजित 'एलुमिनी मीट' (पूर्व छात्र मिलन समारोह) में शामिल होने पहुंचे थे। इसके अतिरिक्त, जिला बार एसोसिएशन द्वारा उनके सम्मान में एक भव्य अभिनंदन समारोह का आयोजन भी किया गया है। इस कार्यक्रम में हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी भी विशेष अतिथि के रूप में शिरकत करेंगे। बार एसोसिएशन के प्रधान दीपक हुड्डा ने बताया कि कोर्ट परिसर को विशेष रूप से सजाया गया है और पार्किंग क्षेत्र में एक विशाल पंडाल तैयार किया गया है। सुरक्षा की दृष्टि से चप्पे-चप्पे पर पुलिस तैनात है और आने-जाने वालों की गहन जांच की जा रही है।

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