Indira Gandhi International Airport: दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर कस्टम अधिकारियों ने स्पॉट प्रोफाइलिंग के आधार पर एक अमेरिकी पासपोर्ट वाली महिला यात्री के खिलाफ मामला दर्ज किया है। यह महिला हांगकांग से फ्लाइट नंबर CX-695 से टर्मिनल-3 पर पहुंची थी। घटना 18 फरवरी 2026 को हुई, जब एयर इंटेलिजेंस यूनिट (एआईयू) के अधिकारियों ने उसे रोका। स्पॉट प्रोफाइलिंग एक ऐसी प्रक्रिया है जिसमें संदिग्ध यात्रियों की पहचान की जाती है, और यहां अधिकारियों को महिला के व्यवहार या यात्रा विवरण में कुछ संदेहास्पद लगा।
महिला को ग्रीन चैनल से गुजरते समय रोका गया, जहां आमतौर पर कोई देय वस्तु न होने वाले यात्री जाते हैं। अधिकारियों ने पहले उसके सामान की एक्स-रे जांच की, और फिर पूरी तरह से जांच की गई। इस जांच में बड़ी मात्रा में अघोषित विदेशी सामान और मुद्रा मिली, जिसे छिपाने की कोशिश की गई थी। यह ऑपरेशन आईजीआई एयरपोर्ट कस्टम्स द्वारा चलाया गया था।
जांच में हुई खुलासा
जांच के दौरान अधिकारियों को महिला के सामान से सोने और हीरे के आइटम मिले, जिनका कुल वजन 1.2 किलोग्राम था। इसके अलावा, 10 किलोग्राम चांदी के बर्तन भी बरामद किए गए। महिला के पास हाई-वैल्यू ब्रांड्स की लग्जरी घड़ियां भी थीं, जैसे रोलेक्स, बुल्गारी, शोपार्ड और कार्टियर। साथ ही, विदेशी मुद्रा भी जब्त की गई, जिसमें 9,084 अमेरिकी डॉलर, 605 यूरो और 2,540 हांगकांग डॉलर शामिल हैं। इन सभी वस्तुओं की कुल कीमत 5.42 करोड़ रुपये आंकी गई है। ये वस्तुएं विदेशी मूल की थीं और इन्हें घोषित नहीं किया गया था, जो कस्टम नियमों का उल्लंघन है। जांच में यह भी पाया गया कि महिला के पास 552 ग्राम घरेलू सोना था, जिसे जब्त नहीं किया गया और उसे वापस कर दिया गया। अधिकारियों ने कानूनी प्रक्रिया के तहत इन वस्तुओं की जांच की और उन्हें सील कर लिया।
कानूनी कार्रवाई
इन वस्तुओं को कस्टम एक्ट, 1962 की धारा 110 के तहत जब्त किया गया, क्योंकि इन्हें अघोषित रखा गया था। यह एक्ट आयात-निर्यात नियमों का पालन न करने पर सजा का प्रावधान करता है। महिला को कस्टम एक्ट की धारा 104 के तहत गिरफ्तार किया गया है। गिरफ्तारी के बाद उसे हिरासत में लिया गया, और मामले की जांच शुरू कर दी गई है। कस्टम अधिकारियों ने बताया कि यह ऑपरेशन सेंट्रल बोर्ड ऑफ इंडायरेक्ट टैक्सेस एंड कस्टम्स (सीबीआईसी) और दिल्ली कस्टम्स के तहत हुआ। स्पॉट प्रोफाइलिंग जैसी तकनीकों से ऐसे मामलों को पकड़ना आसान हो जाता है, जो देश की अर्थव्यवस्था को नुकसान पहुंचा सकते हैं। महिला अमेरिकी नागरिक है, इसलिए अंतरराष्ट्रीय नियमों का भी ध्यान रखा जा रहा है।









