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Delhi Police Notice To Penguin Publication: पूर्व आर्मी चीफ जनरल मनोज मुकुंद नरवणे की अनपब्लिश्ड किताब का विवाद बढ़ता जा रहा है, इस मामले में अब दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने प्रकाशक पेंगुइन रैंडम हाउस इंडिया को नोटिस भेजा है। नोटिस में पेंगुइन इंडिया से जवाब मांगा गया है कि आखिर मनोज मुकुंद नरवणे की अनपब्लिश्ड किताब कैसे लीक हो गई है। नोटिस इसलिए भी जारी किया गया है, क्योंकि किताब के स्टेटस को लेकर अलग-अलग दावे और बिना इजाजत वाले वर्जन के सर्कुलेशन में तेजी देखी गई है, जिसकी वजह से पब्लिशर, पूर्व आर्मी चीफ और सीनियर पॉलिटिकल हस्तियां भी विवाद में फंस गई हैं। 

पुलिस का कहना है कि स्पेशल सेल ने नोटिस के माध्यम से पब्लिशिंग हाउस से कई सवाल पूछे हैं, और डिटेल में जवाब मांगा है। बता दें कि  मनोज मुकुंद नरवणे की किताब, जिसका टाइटल 'फोर स्टार्स ऑफ डेस्टिनी' है, यह कैसे बाजार में आई, इसे लेकर नोटिस में जवाब मांगा गया है।  क्या किताब के पब्लिकेशन से पहले डिजिटल और दूसरे फॉर्मेट में गैर-कानूनी तरीके से इसे सर्कुलेट किया गया हो सकता है?

पुलिस ने यह भी कहा है कि मैन्युस्क्रिप्ट के बिना इजाजत के बांटने के आरोपों की वजह से FIR दर्ज की गई है, मामले में आगे की जांच चल रही है।  साल 2024 में  पूर्व आर्मी चीफ जनरल एमएम नरवणे की  'फोर स्टार्स ऑफ डेस्टिनी' किताब को पब्लिश किया जाना था। बुकस्टोर्स प्री-ऑर्डर ले रहे थे और पाठक इसे ऑनलाइन प्री-बुक कर रहे थे, लेकिन इसके लॉन्च को रोक दिया गया था। 2026 तक भी किताब अब तक पब्लिश नहीं की गई है।

राहुल गांधी ने संसद में की थी चर्चा

वहीं पिछले हफ्ते जनरल नरवणे की किताब की एक हार्डबैक कॉपी सामने आई, जिसे विपक्ष के नेता राहुल गांधी हाथों में लिए संसद में देखे गए थे, सामने आया कि वह कोई  मैन्युस्क्रिप्ट नहीं बल्कि किताब की एक छपी हुई हार्डकवर कॉपी थी, तभी से यह विवाद चर्चा में आ गया। इस किताब को रक्षा मंत्रालय (MoD) की मंजूरी के बिना पब्लिश नहीं किया जाना था। इस लेकर  केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा था कि 'ऐसी कोई किताब है ही नहीं', वह राहुल गांधी तक कैसे पहुंची? आखिर यह सवाल सभी के ध्यान में आया। लेकिन ऐसा कैसे हुआ। 

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