Suspicious Car Red Fort: दिल्ली के लाल किला के यहां बीते दिन 18 फरवरी को पुलिस को जम्मू कश्मीर नंबर की कार संदिग्ध हालात में मिली है। बताया जा रहा है कि कार में उस दौरान पुलवामा के रहने वाले 2 लोग सवार थे। दोनों में एक पास NIA का नकली कार्ड मिला है। पुलिस ने इस मामले में तुरंत दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल, आईबी, NIA और सेंट्रल एजेंसियों को जानकारी दी, जिसके बाद दोनों को गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस का कहना है कि दोनों ही आरोपियों से पूछताछ करके मामले के बारे में पता लगाया जाएगा।
DCP राजा बांठिया का कहना है कि पुलिस को बीते दिन रेड फोर्ट के पीछे दिल्ली चलो पार्क के पास J&Kनंबर की काले रंग की हुंडई कार संदिग्ध परिस्थितियों मे खड़ी दिखी थी, जिसमें 2 लोग सवार थे। पुलिस ने दोनों से पूछताछ की तो दोनों की पहचान पुलवामा के रहने वाले मुदस्सर अहमद मीर और राहिल फिरदौस के तौर पर हुई। तलाशी लेने पर पुलिस को मुदस्सर के पास से NIA (नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी) का ID Card मिला, जो फर्जी पाया गया है। पुलिस ने दूसरी एजेंसियों को मामले के बारे में सूचित किया और आगे की कार्रवाई की गई।
जांच में क्या-क्या पता लगा?
जांच में सामने आया है कि मुदस्सर पुलवामा में कार गैराज चलाता है। दोनों शख्स जिस कार में सवार थे, उसे लेकर मुदस्सर ने दावा किया यह कार 15 साल पुरानी है, जो उन्होंने सेकंड हैंड खरीदी थी। वहीं राहिल के पिता राजमिस्त्री हैं, जो करीब 4 महीने पहले अपने वर्क प्लेस पर गिर गए थे, जिसकी वजह से उन्हें पैरालिटिक अटैक आया है।
वहीं राहिल की मां जरीफा नेवा चौकी, पुलवामा में SPO हैं। घर में मां के अलावा कोई कमाने वाला नहीं है, ऐसे में राहिल को मुदस्सर नौकरी के लिए दिल्ली लाया था। इसके लिए मुदस्सर ने 3000 रुपये एडवांस मांगे और कहा कि नौकरी पक्की होने के बाद वे उसे 10 हजार देंगे।
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नौकरी का झांसा देकर ठगता था आरोपी
ऐसा भी कहा जा रहा है कि मुदस्सर राहिल के साथ 13 फरवरी की रात दिल्ली आया था, उन्होंने जामा मस्जिद के बशीर गेस्ट हाउस में चेक इन किया था। बताया जा रहा है कि मुदस्सर राहिल के अलावा शाकिर नाम के शख्स के लिए भी जॉब ढूंढने में भी मदद कर रहा था। जॉब के लिए मुदस्सर सनम बंगाल उर्फ सनम रैना से मिलने गया था, जो डॉक्टर बीआर आंबेडकर यूथ ऑर्गेनाइजेशन नाम से एक NGO चलाते हैं।
वहीं मुदस्सर ने सनम बंगाल से ब्रिजेंद्र और किरण पाल तोमर, जिन्हें वे PMO/NIA बताता था, के माध्यम से कॉन्टैक्ट किया था। लेकिन मुदस्सर जॉब के लिए कोई मदद नहीं कर पाया तो शाकिर वापस कश्मीर चला गया, वहीं राहिल भी बुधवार रात कश्मीर जाना चाहता था। ऐसा भी कहा गया है कि मुदस्सर जाली पहचान पत्र का इस्तेमाल करके एक अधिकारी बनकर आम लोगों को नौकरी दिलाने के बहाने ठग रहा था। पुलिस मामले में आगे की कार्रवाई कर रही है।
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