बांग्लादेश में हिंदू पुलिस अधिकारी की हत्या करने के मामले में वांछित अपराधी अहमद रजा हसन मेहदी को हिरासत में ले लिया गया। उसे दिल्ली के इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट से हिरासत में लिया गया है। सूत्रों के हवाले से बताया जा रहा है कि आरोपी हसन मेहदी यूरोप फरार होने की फिराक में था, लेकिन इमिग्रेशन विभाग ने उसे पकड़कर पूछताछ की। इसके बाद आवश्यक कानूनी कार्यवाही पूरी कर उसे बांग्लादेश डिपोर्ट कर दिया गया है।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, बांग्लादेश के एक पुलिस स्टेशन में बैठकर अहमद रजा हसन मेहदी ने दावा किया था कि उसने हिंदू पुलिस अधिकारी संतोष चौधरी की हत्या की है। किसी ने इसका वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर अपलोड कर दिया, जो कि तेजी से वायरल हो गया। इसके बाद से अहमद रजा हसन मेहदी की तलाश जारी थी।
हिंसक भीड़ ने किया था पुलिस स्टेशन पर हमला
मीडिया रिपोर्ट्स में हिंदू पुलिस अधिकारी के नाम को लेकर असमंजस बना है। कुछ रिपोर्ट्स में इस अधिकारी का नाम संतोष चौधरी बताया गया है तो कुछ रिपोर्ट्स में संतोष वर्मा बताया गया है। बहरहाल, 5 अगस्त 2024 को बानियागंज पुलिस स्टेशन में तैनात संतोष की भीड़ द्वारा हत्या कर दी गई थी। कई रिपोर्ट्स में अहमद रजा हसन मेहदी को ही मुख्य साजिशकर्ता बताया था।
हत्या के बाद पेड़ पर लटका दिया था शव
आरोप है कि इस हिंदू पुलिस अधिकारी को विशेष रूप से निशाना बनाया गया। उसकी निर्मम तरीके से हत्या की गई, इसके बाद शव को पेड़ से लटका दिया गया। बताया जा रहा है कि वारदात के दिन अराजक तत्वों और पुलिस के बीच झड़प भी हुई थी, जिसमें पुलिस फायरिंग में 9 लोगों की मौत हो गई थी।
हत्या के मामले की जांच होगी तेज
इस हत्याकांड की जांच बांग्लादेश पुलिस कर रही है। अहमद रजा हसन मेहदी ने दावा किया था कि उसने ही संतोष चौधरी की हत्या की है। ऐसे में दिल्ली पुलिस द्वारा आरोपी मेहदी को गिरफ्तार करना हिंदू पुलिस अधिकारी को न्याय दिलाने की दिशा में अहम कदम है। बता दें कि बांग्लादेश में जब भी हिंसक प्रदर्शन होते हैं, तो हिंदुओं को निशाना बनाया जाता है। हाल में कई ऐसी घटनाएं हुईं, जिसमें कई निर्दोष हिंदुओं को जान गंवानी पड़ी। इन घटनाओं के मद्देनजर एक तरह से बांग्लादेश की क्रिकेट टीम भी टी20 वर्ल्ड कप से बाहर है।









