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Delhi Blast 2025: दिल्ली लाल किला ब्लास्ट में तुफैल और जमीर की हिरासत को कोर्ट ने 30 दिन के लिए बढ़ा दिया है। फिलहाल इस मामले में NIA द्वारा जांच चल रही है।

Delhi Blast 2025: दिल्ली में पिछले साल 10 नवंबर को लाल किला के पास हुए ब्लास्ट मामले में पटियाला हाउस की विशेष NIA अदालत ने संदिग्ध तुफैल अहमद भट और जमीर अहमद अहंगर की न्यायिक हिरासत को 30 दिन के लिए बढ़ा दिया है।

बताया जा रहा है कि दोनों आरोपियों की आज 30 मार्च सोमवार को 15 दिन की न्यायिक हिरासत समाप्त होनी थी। दोनों आरोपियों को नवंबर 2025 में गिरफ्तार किया था। अब तक इस मामले में NIA द्वारा 11 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है।  

ब्लास्ट में करीब 15 लोगों की मौत

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, NIA जांच में सामने आया है कि आरोपियों में से जमीर अहमद अहंगर जम्मू-कश्मीर के गांदरबल का रहने वाला है। वहीं तुफैल अहमद भट श्रीनगर का रहने वाला है। बता दें कि साल 2025 में 10 नवंबर को हुए इस धमाके में करीब 15 लोगों की मौत हो गई थी, और कई अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए थे।

इस हमले का मुख्य आरोपी उमर उन नबी धमाके में मारा गया था। NIA द्वारा इस मामले की गहनता से जांच कर रही है, ताकि इस आतंकी हमले की साजिश का बुरा खुलासा हो सके। जांच एजेंसी का कहना है कि जमीर और तुफैल प्रतिबंधित आतंकी संगठन अंसार गजवत-उल-हिंद (एजीएच) के सक्रिय ओवर ग्राउंड वर्कर (ओजीडब्ल्यू) थे।

दोनों पर क्या आरोप लगे ?

NIA ने जम्मू-कश्मीर पुलिस, हरियाणा पुलिस और दूसरी सुरक्षा एजेंसियों के साथ मिलकर की गई जांच में सामने आया है कि दोनों आरोपी ना केवल दिल्ली के विस्फोट की साजिश में शामिल थे, बल्कि दूसरी कई आतंकी मामलों में शामिल रहे हैं। इसके अलावा आरोपी भारत के खिलाफ इस्तेमाल होने वाले हथियार और गोला-बारूद जुटाने में एक्टिव थे।

इस आतंकी साजिश का मास्टरमाइंड उमर था, जिसने अन्य आरोपियों मुजम्मिल गनई, शाहीन सईद, मुफ्ती इरफान, आदिल अहमद राथर और दूसरे सहयोगियों के साथ मिलकर इस हमले की योजना बनाई थी। इन सभी आरोपियों को पहले ही जम्मू-कश्मीर और हरियाणा के अलग-अलग जगहों पर गिरफ्तार किया जा चुका है। अभी इस मामले में NIA की जांच चल रही है। 

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