Delhi Liquor Policy Scam: दिल्ली हाईकोर्ट ने आज 9 मार्च सोमवार को शराब घोटाला और अरविंद केजरीवाल वाले केस में CBI को राहत दी है। फिलहाल होईकोर्ट ने जांच में खामियों के लिए CBI अधिकारी की जांच कराने के ट्रायल कोर्ट के आदेश पर रोक लगा दी है। कोर्ट का कहना है कि जब तक हाईकोर्ट इस मामले में फैसला नहीं सुनाएगा, तब तक ट्रायल कोर्ट ED वाले केस में फैसला नहीं सुनाएगा। अब इस मामले में अगली सुनवाई 16 मार्च को होगी।
दिल्ली हाईकोर्ट में आज CBI की उस अपील पर सुनवाई की गई, जिसमें दिल्ली के पूर्व सीएम अरविंद केजरीवाल, पूर्व डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया और कथित शराब पॉलिसी स्कैम से जुड़े करप्शन केस में बाकी सभी 21 आरोपियों को बरी करने को चुनौती दी गई है। जस्टिस स्वर्णकांता शर्मा ने CBI की दलीलें सुनने के बाद केजरीवाल समेत सभी 23 आरोपियों को नोटिस जारी किया है।
सुनवाई के दौरान CBI की तरफ से सॉलिसिटर जनरल (SGI) तुषार मेहता पेश हुए थे। उन्होंने हाईकोर्ट से कहा कि यह स्पष्ट तौर पर करप्शन का है, जिसके फोरेंसिक सबूत भी हैं। उन्होंने यह भी कहा कि 'मैंने किसी एजेंसी को इतने बारीकी से सबूत इकट्ठा करते नहीं देखा। मैं कोई बढ़ा-चढ़ाकर बयान नहीं दे रहा हूं। मैं इसे सही साबित करना चाहता हूं।'
देश का सबसे बड़ा घोटाला-SGI तुषार मेहता
SGI तुषार मेहता ने कहा कि 'यह देश की राजधानी के इतिहास के सबसे बड़े घोटालों में से एक है और सबसे बड़ी शर्म की बात है। मेहता ने कहा कि बेसिक आरोप यह है कि एक पॉलिसी थी, मैनिपुलेटेड पॉलिसी बनाई गई थी, जिसके नतीजे में कुछ ट्रेडर्स को फायदा पहुंचाने की स्थिति बनी।'
मेहता ने आगे कहा कि CBI मनी लॉन्ड्रिंग का पता लगा सकती है। ऐसे में निश्चिचत तौर पर कोई भी पार्टी बदले की भावना का भी आरोप लगा सकती है। सभी गवाहों की मजिस्ट्रेट के सामने जांच हुई है। 164 गवाह हैं जो यह बताते हैं कि साजिश कैसे रची गई, कहां मीटिंग हुईं, रिश्वत कैसे दी गई, किसे दी गई। एक व्यक्ति है, विजय नायर, दो पॉलिटिकल लीडर सीधे उसके संपर्क में हैं।
मेहता ने ट्रायल कोर्ट के फैसले पर सवाल उठाते हुए कहा कि 'विवादित आदेश क्रिमिनल लॉ को पूरी तरह से बदल देता है। डिस्चार्ज के सवाल पर फैसला करते हुए जज कहते हैं कि कोई कोलेबोरेटिव मटीरियल नहीं है। काफी कोलेबोरेटिव मटीरियल है जिन्हें नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। डिस्चार्ज स्टेज वह नहीं है जहां आपको कोलेबोरेटिव मटीरियल देखना होगा। यह बिना ट्रायल के बरी करने का ऑर्डर है।'
राउज एवेन्यू कोर्ट ने किया था आरोप मुक्त
बता दें कि शराब पॉलिसी केस में पहले राउज एवेन्यू कोर्ट के स्पेशल जज जितेंद्र सिंह ने 27 फरवरी को केजरीवाल समेत सभी 23 आरोपियों को आरोपमुक्त कर दिया था। इस दौरान जितेंद्र सिंह ने जांच में कमियों को देखते हुए CBI को फटकार भी लगाई थी, और कहा था कि सीबीआई की चार्जशीट में कई कमियां हैं। कोर्ट ने कहा था कि 'चुनाव खर्च की सीबीआई, ईडी जांच राजनीतिक नतीजों पर असर डालने का जरिया नहीं बननी चाहिए।'