Delhi High Court: दिल्ली हाईकोर्ट ने एक पोक्सो केस की सुनवाई करते हुए आरोपी को नियमित जमानत देने की याचिका को खारिज कर दिया। इस याचिका पर सुनवाई करते हुए दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा कि वेलेंटाइन डे पर किसी लड़की से किसी लड़के की मित्रता हो जाना उसके साथ जबरदस्ती यौन संबंध का लाइसेंस नहीं है।
इस याचिका पर सुनवाई कर रहे जस्टिस गिरीश कथपालिया की बेंच ने कहा किसी नाबालिग लड़की की सहमति के बाद भी उसकी मांग में सिंदूर भरने को भी ठीक नहीं ठहराया जा सकता। अदालत ने आगे कहा कि भले ही इसे कानून में कोई अपराध न माना गया हो। याचिका पर सुनवाई कर रही बेंच ने कहा कि कोई लड़की किसी लड़के की दोस्त है और वैलेंटाइन डे का दिन है तो इसका यह मतलब बिल्कुल भी नहीं है कि उस लड़के पास लड़की के साथ जबरदस्ती दुष्कर्म करने का लाइसेंस है।
मिलने के बहाने बुलाकर मांग में भरा सिंदूर
आरोपी पर दर्ज एफआईआर में अभियोजन पक्ष ने आरोप लगाया है कि पीड़ित लड़की, जिसकी उम्र 17 साल है वह आरोपी लड़के को पिछले एक साल से जानती थी। पीड़िता के मुताबिक आरोपी ने लड़की को 14 फरवरी साल 2025 को मिलने के बहाने से बुलाया और फिर उसकी मांग में सिंदूर में भर दिया। पीड़िता का आरोप है कि लड़के ने इसके बाद जबर्दस्ती दुष्कर्म किया। वारदात के बाद लड़की के भाई ने मामले की जानकारी पुलिस को दी।
बचाव पक्ष ने दी दलील
आरोपी लड़के की तरफ से अदालत में पेश हुए वकील ने कहा कि पीड़ित लड़की की उम्र 18 साल से भी ज्यादा है और लड़की ने अपनी मर्जी से लड़के साथ संबंध बनाए थे। इसके अलावा आरोपी के वकील ने कोर्ट में यह भी दलील दी की यह वारदात वैलेंटाइन डे के दिन हुई थी, जिससे रोमांटिक पहलू होने का संकेत भी मिलता है।










