LPG Crisis: गाजियाबाद के साहिबाद से एक परेशान कर देने वाली खबर सामने आ रही है। यहां औद्योगिक क्षेत्र में एलपीजी की कमी के कारण ऊर्जा संकट बढ़ता ही जा रहा है। साहिबाबाद इंडस्ट्रीज एसोसिएशन के मुताबिक, एलपीजी की कमी और पीएनजी के कनेक्शन में देरी के कारण कई उद्योग धंधों में उत्पादन बहुत कम हो गया है या फिर यूं कहें कि उत्पादन बिल्कुल ठप हो गया है। उन्होंने आगे कहा कि अब यह संकट नया रूप लेते हुए नजर आ रहा है क्योंकि उत्पादन कम हो रहा है तो श्रमिकों को रोजगार भी कम मिल रहा है और रोजगार न मिलने के कारण श्रमिकों को पलायन के लिए मजबूर होना पड़ रहा है।
एसोसिएशन के अध्यक्ष दिनेश मित्तल के मुताबिक, अमेरिका-इजरायल और ईरान के युद्ध की वजह से भारत में एलपीजी गैस की आपूर्ति प्रभावित हुई है। उन्होंने कहा कि इसका असर साहिबाबाद के टॉय मैन्युफैक्चरिंग, पाउडर कोडिंग, इलेक्ट्रिक फैन और वेल्डिंग से जुड़े उद्योगों पर पड़ा है। इन सभी उद्योगों में एलपीजी गैस उत्पादन का मुख्य आधार है। गैस की कमी से उद्योगों में काम बंद है और ऑर्डर समय से पूरे नहीं हो पा रहे हैं, जिससे इन उद्योगों के मालिकों को मुनाफे की जगह नुकसान का सामना करना पड़ रहा है।
लोगों का कहना है कि इंजीनियरिंग से संबंधित उद्योग,जो गैस वेल्डिंग का काम करते हैं। वह पूरी तरह से इस वक्त ठप होने के कगार पर है। इसके अलावा पीएनजी जो कि इस वक्त एक सबसे बड़ा विकल्प है। उसके भी कनेक्शन तत्काल नहीं बन पा रहे हैं। एसोसिएशन के मुताबिक, इंडस्ट्रियल गैस कनेक्शन लेने की प्रक्रिया लंबी और जटिल है, जिसमे में 6 महीने से 1 या 2 साल तक का समय लग सकता है।
वहीं एसोसिएशन का कहना है कि अगर इस समस्या का जल्द समाधान नहीं निकाला गया तो एमएसएमई सेक्टर पर इस चीज का बहुत बुरा असर पड़ेगा। उन्होंने आने वाले वक्त के लिए चिंता जाहिर करते हुए कहा कि इससे स्थानीय रोजगार में कमी आएगी और कई धंधों के बंद होने तक पर नौबत आ सकती है।








