Peripheral Expressway: दिल्ली की रेखा गुप्ता सरकार द्वारा ईस्टर्न-वेस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेस-वे के निर्माण को लेकर अपने हिस्से की बच्ची हुई राशि का भुगतान किया जाएगा। इस भुगतान को लेकर बीते दिन यानी शनिवार को आधिकारिक भी मंजूरी दे दी गई है।
दिल्ली सरकार पर अभी कुल 3700 करोड़ रुपये बकाया है। मौजूदा वित्त वर्ष 2025-26 में कुल 500 करोड़ रुपये का भुगतान किया जाएगा, शेष रकम का भी पेमेंट अगले वित्तीय वर्ष में कर दिया जाएगा। सीएम रेखा गुप्ता का कहना है कि पिछली सरकार की असफलताओं की वजह से भुगतान रुका हुआ था।
दिल्ली को ट्रैफिक मुक्त करने के उद्देश्य से केंद्र सरकार द्वारा ईस्टर्न-वेस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेस वे बनाने का फैसला लिया गया था। इस एक्सप्रेस वे के बन जाने के बाद दूसरे राज्यों से आने वाली गाड़ियां जिन्हें हरियाणा और राजस्थान जाना है, वो दिल्ली में बिना एंट्री के जा सकते हैं। इस एक्सप्रेस वे के बन जाने से भूमि अधिग्रहण की लागत में दिल्ली सरकार को भी पैसा देना था, लेकिन पूर्व की सरकारों ने केंद्र सरकार को पैसा नहीं दिया। वहीं 3700 करोड़ रुपये से ज्यादा रुका हुआ था।
राजधानी में यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने और पर्यावरण सुधार की दिशा में दिल्ली सरकार का एक महत्वपूर्ण कदम।
— CMO Delhi (@CMODelhi) March 22, 2026
मुख्यमंत्री श्रीमती रेखा गुप्ता के नेतृत्व में दिल्ली सरकार ने ‘पूर्वी और पश्चिमी पेरिफेरल एक्सप्रेसवे’ की भूमि अधिग्रहण लागत में दिल्ली की बकाया हिस्सेदारी ₹3,700 करोड़… pic.twitter.com/pgRCU6DYcv
अंतरराज्यीय वित्तीय मुद्दें सॉल्व होंगे
सीएम रेखा गुप्ता ने कहा कि सरकार की मंजूरी से अंतरराज्यीय वित्तीय मुद्दों का समाधान हो सकेगा, इसके अलावा भविष्य में बुनियादी ढांचा परियोजनाओं के लिए केंद्र के साथ समन्वय बेहतर बनेगा। सीएम के मुताबिक इस परियोजना को लेकर पिछली सरकार ने कोई गंभीरता नहीं दिखाई है। राजनीतिक द्वेष की वजह से केंद्र सरकार को जानबूझकर बकाया भुगतान नहीं किया गया। उन्होंने पिछली सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि वे दिल्ली के भविष्य को लेकर कभी गंभीर नहीं थे।
पॉल्यूशन में कमी आई
ईस्टर्न और वेस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे के माध्यम से दिल्ली के चारों ओर एक रिग रोड को बनाया गया था। इसका उद्देश्य दिल्ली में कमर्शल गाड़ियों के धुए से होने वाले प्रदूषण में कमी लाना था। इसके लिए हरियाणा के कुंडली, मानेसर, पलवल और उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद, गौतम बुद्ध नगर, बागपत को कनेक्ट करते हुए दिल्ली के बाहर की ओर ईस्टर्न और वेस्टर्न पार्ट में 135 किमी लंबे 6 लेन वाले पेरिफेरल एक्सप्रेसवे को बनाया गया, ताकि दूसरे स्टेट से आ रहे, जिन ट्रकों का डेस्टिनेशन दिल्ली नहीं है, वो बाहर से ही जा सकें। सरकार ने दावा किया है कि इस एक्सप्रेस वे के बन जाने के बाद दिल्ली में ट्रैफिक जाम में कमी देखने को मिली है, वहीं पॉल्यूशन भी कम हुआ है।









