लीलाधर राठी- सुकमा। बजट में सुकमा जिले के जगरगुंडा को एजुकेशन सिटी के रूप में विकसित करने की घोषणा की गई है। इसको ऐतिहासिक निर्णय बताते हुए सांसद प्रतिनिधि अरुण सिंह भदौरिया ने सीएम विष्णु देव साय, वित्त मंत्री ओपी चौधरी, मंत्री केदार कश्यप और सांसद महेश कश्यप के प्रति आभार जताया है।
उन्होंने कहा कि जगरगुंडा जैसे दूरस्थ और पूर्व नक्सल प्रभावित क्षेत्र में एजुकेशन सिटी की स्थापना का निर्णय बस्तर अंचल के लिए मील का पत्थर साबित होगा। इससे स्थानीय विद्यार्थियों को उच्च गुणवत्ता वाली शिक्षा अपने ही जिले में उपलब्ध हो सकेगी, जिससे उन्हें बड़े शहरों की ओर पलायन नहीं करना पड़ेगा। प्रस्तावित एजुकेशन सिटी के अंतर्गत विद्यालय, महाविद्यालय, तकनीकी संस्थान तथा कौशल विकास केंद्रों की स्थापना का मार्ग प्रशस्त होगा। इससे क्षेत्र के युवाओं को रोजगारोन्मुखी एवं व्यावसायिक शिक्षा प्राप्त करने के अवसर मिलेंगे और वे आत्मनिर्भर बन सकेंगे।
शिक्षा के क्षेत्र में आएंगे क्रांतिकारी बदलाव
सांसद प्रतिनिधि अरुण सिंह भदौरिया ने कहा कि यह पहल न केवल शिक्षा क्षेत्र में क्रांतिकारी बदलाव लाएगी, बल्कि स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती प्रदान करेगी। शिक्षा संस्थानों की स्थापना से रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे, जिससे क्षेत्र में विकास की गति तेज होगी। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार बस्तर के समग्र विकास के लिए प्रतिबद्ध है। बजट में जगरगुड़ा को एजुकेशन हब के रूप में विकसित करने की घोषणा इस प्रतिबद्धता का स्पष्ट प्रमाण है।
भविष्य की दिशा में एक ठोस और दूरदर्शी कदम
उन्होंने प्रदेश सरकार एवं सभी जनप्रतिनिधियों का आभार जताते हुए कहा कि यह निर्णय सुकमा जिले के उज्ज्वल भविष्य की दिशा में एक ठोस और दूरदर्शी कदम है, जो आने वाले वर्षों में शिक्षा, शांति और रोजगार के नए आयाम स्थापित करेगा।










