आशीष गुप्ता - सरगुजा। छत्तीसगढ़ के सरगुजा में बीती रात से लेकर सुबह तक हुए अलग-अलग सड़क हादसों में 8 लोगों की मौत ने लोगों को दहला दिया है। सोमवार तड़के 5 बजे प्रतापपुर-अंबिकापुर मार्ग के सकालो जंगल में तेज रफ्तार ट्रक ने कार को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि कार सवार दंपति और उनका बेटा मौके पर ही मौत का शिकार हो गए, जबकि कार चालक जिंदगी और मौत के बीच संघर्ष कर रहा है।
एक ही परिवार के तीन सदस्यों की मौत
गांधीनगर थाना क्षेत्र में हुई इस घटना में दुप्पी चौरा रजापुर निवासी 52 वर्षीय कईलाराम, उनकी 50 वर्षीय पत्नी मानीमती और 25 वर्षीय पुत्र राहुल टोप्पो की घटनास्थल पर ही मौत हो गई। दुर्घटना के बाद कार के परखच्चे उड़ गए और दृश्य अत्यंत भयावह था। घायल चालक सोनू केरकेट्टा को गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
घटनास्थल पर एक घंटे तक जाम
दुर्घटना के बाद सड़क के दोनों ओर करीब एक घंटे तक जाम लग गया। मौके पर लोगों की भीड़ जमा हो गई और पुलिस को यातायात बहाल करने में काफी मशक्कत करनी पड़ी। पुलिस ने शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की जांच जारी है।
लगातार हादसे, 12 घंटे में 8 मौतें
सरगुजा क्षेत्र में बीती रात ग्राम भीठीकला में बाजार से वापस घर जा रही ग्राम जोगीबांध निवासी तीन महिलाओं की मौके पर ही मौत हो गई इस घटना का दर्द ग्रामीण झेल ही रहे थे कि देर रात मणिपुर थाना के सामने तेजरफ्तार पिकअप क्रमांक यूपी 64 एच 5472 के लापरवाह चालक ने ई रिक्शा को ठोक दिया जहां अंबिकापुर मठ पारा निवासी 20 वर्षीय बादल की मौके पर ही मौत हो गई जबकि उसके साथी 20 वर्षीय विशाल भी जिला अस्पताल में दम तोड़ दिया । साथ ही आज सकालो जंगल में तड़के 3 लोगों की मौत हुई है। तेज रफ्तार और शराब के नशे में वाहन चलाना इन हादसों की मुख्य वजह बताई जा रही है
ग्रामीणों में भय और प्रशासन से कार्रवाई की मांग
लगातार हादसों से ग्रामीणों में दहशत का माहौल है। मृतकों के गांव में शोक की लहर फैल गई है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। ग्रामीणों ने प्रशासन से यातायात नियंत्रण, स्पीड चेकिंग और सड़क सुरक्षा को लेकर कड़े कदम उठाने की मांग की है।
सड़क सुरक्षा को लेकर बड़ा संकेत
लगातार होने वाली दुर्घटनाएँ यह बताती हैं कि यदि समय रहते ट्रैफिक नियमों का पालन नहीं करवाया गया, तो ऐसी घटनाएँ आगे भी जारी रहेंगी। प्रशासन और जनता दोनों को मिलकर सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूक होना होगा, तभी इस संकट पर रोक लगाई जा सकती है।
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