करन साहू- बिलाईगढ़। छत्तीसगढ़ के सारंगढ़- बिलाईगढ़ जिले के बिलाईगढ़ मुख्यालय में बंगलाभाटा के पास विश्वास क्लिनिक को अधिकारियों की टीम ने सील कर दिया है। बिलाईगढ़ एसडीएम प्रफुल्ल रजक के निर्देश पर तहसीलदार कमलेश सिदार की टीम ने कार्यवाही की है और जांच के बाद विश्वास क्लिनिक को सील कर दिया गया है।
बिलाईगढ़ एसडीएम प्रफुल्ल रजक ने बताया कि लंबे समय से विश्वास क्लीनिक के खिलाफ शिकायत मिल रहा था। साथ ही गलत इलाज करने का भी आरोप लग रहा था। इसके बाद तहसीलदार कमलेश सिदार के नेतृत्व में स्वास्थ्य विभाग और पुलिस विभाग की संयुक्त टीम गठित कर जांच किया गया। जांच में पाया गया कि नगर पंचायत के बिना एनओसी के क्लीनिक का संचालन किया जा रहा था। इसके साथ ही उक्त क्लीनिक का संचालक डॉक्टर सौरभ विश्वास बाहर रहते हैं। जबकि क्लीनिक में उनके पिताजी बैठकर संचालित करते हैं। ऐसी स्थिति को ध्यान में रखते हुए क्लिनिक को सील कर दिया गया है।
एसडीएम बोले- मामले की जांच जारी
एसडीएम ने आगे कहा कि बिलाईगढ़ से लागे देवरबोड गांव में एक युवती की गलत इलाज से मौत की भी सूचना मिली है। फिलहाल अभी इसकी शिकायत कॉपी नहीं आई है। लेकिन उक्त मृतक विश्वास क्लीनिक में इलाज कराने गया हुआ था। ऐसी भी जानकारी निकाल कर सामने आई है। लेकिन अभी फिलहाल इसकी पुष्टि नहीं हुई है, इसका भी जांच किया जा रहा है।
संचालक ने आरोपों को बताया निराधार
विश्वास क्लीनिक के संचालक डॉक्टर सौरभा विश्वास का कहना है कि मृतक युवती हमारे पास इलाज के लिए आई थी। मै घर पर था तब मेरे पापा क्लीनिक में थे उन्होंने मुझे फोन पर बताया कि, युवती को गैस का टेबलेट और इंजेक्शन लगाए थे। क्योंकि उनकी स्थिति देखकर हार्ट में समस्या लग रही थी। इसलिए उन्हें ईसीजी के लिए बाहर दिखाने को कह दिए हमारे पास ईसीजी की कोई सुविधा नहीं है। जहां तक गलत इलाज का आरोप लगा है हमारे द्वारा किसी भी प्रकार की गलत इलाज नहीं की गई है। साथ ही सील की कार्यवाही पर भी उन्होंने विरोध जताया है। जब क्लीनिक को सील किया गया, तब मैं उसका संचालक जगदलपुर आया हुआ था। मेरे अनुपस्थिति में क्लीनिक को सील किया गया है।
सारंगढ़- बिलाईगढ़ जिले के बिलाईगढ़ मुख्यालय में बंगलाभाटा के पास विश्वास क्लिनिक को अधिकारियों की टीम ने सील कर दिया है। pic.twitter.com/AFoQMhmnLK
— Haribhoomi (@Haribhoomi95271) February 15, 2026
मेरी अनुपस्थिति में क्लीनिक को किया सील
उन्होंने आगे कहा कि, क्लीनिक हमारा बंद था मेरे पिताजी को बुलाए और क्लिनिक को खुलवाकर सील किया गया। मोबाइल पर बात भी नहीं किया और किसी भी प्रकार का आदेश नहीं दिखाया गया। मेरे ऊपर बाहर रहने का आरोप लगाया है, वह भी गलत है। मैं हमेशा बिलाईगढ़ में ही रहता हूं। पढ़ाई के लिए बस बाहर जाता हूं रही बात एनओसी की तो हमारे द्वारा दो वर्ष से आवेदन दिया जा रहा है। लेकिन किस कारण से एनओसी नहीं दिया जा रहा है यह नहीं पता।









