उमेश सिंह- धमतरी। महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर रुद्री स्थित रुद्रेश्वर महादेव मंदिर में दर्शन करने पहुंचे श्रद्धालुओं को इस बार अव्यवस्था और सेवादारों के दुर्व्यवहार का सामना करना पड़ा। भक्तों का आरोप है कि, मंदिर में व्यवस्था संभालने के नाम पर कुछ सेवादार श्रद्धालुओं से धक्का-मुक्की कर रहे हैं और अपने परिचितों को वीआईपी तरीके से दर्शन करवा रहे हैं, जिससे आम भक्तों में नाराजगी बढ़ रही है।
महाशिवरात्रि पर रविवार सुबह 4 बजे से ही मंदिर में श्रद्धालुओं का तांता लग गया था। बड़ी संख्या में भक्तों ने पहले महानदी नदी में पवित्र स्नान कर भगवान भोलेनाथ को जल अर्पित किया। दोपहर 12 बजे के बाद भी मंदिर परिसर में लंबी कतारें लगी रहीं। महिलाओं और पुरुषों के लिए अलग-अलग कतारों की व्यवस्था थी और श्रद्धालु घंटों इंतजार कर शांतिपूर्वक दर्शन कर रहे थे।

मंदिर अव्यवस्था से श्रद्धालु परेशान
भक्तों का कहना है कि, अव्यवस्था उस समय बढ़ जाती है, जब मंदिर के प्रवेश द्वार पर खड़े सेवादार लाइन में लगे श्रद्धालुओं को व्यवस्थित करने के बजाय धक्का देने लगते हैं। कई लोगों ने आरोप लगाया कि, पीछे के गेट से परिचित लोगों और कथित वीआईपी व्यक्तियों को सीधे गर्भगृह में प्रवेश देकर विशेष पूजा करवाई जा रही है, जबकि आम श्रद्धालु लंबी कतार में इंतजार करते रहते हैं।

भक्तों ने ट्रस्ट से व्यवस्था सुधारने की उठाई मांग
एक श्रद्धालु ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि, पिछले माघी पुन्नी मेले के दौरान भी सेवादारों द्वारा मंदिर के बाहर रखे श्रद्धालुओं के चप्पलों को इधर-उधर फेंका गया था और विरोध करने पर उनसे विवाद किया गया। स्थानीय श्रद्धालुओं का कहना है कि, पहले मंदिर में व्यवस्था बेहतर रहती थी और हजारों भक्त शांतिपूर्वक दर्शन कर लौट जाते थे, लेकिन नए सेवादारों की नियुक्ति के बाद से स्थिति बिगड़ी है। लोगों ने मंदिर ट्रस्ट से व्यवस्था सुधारने और श्रद्धालुओं के साथ सम्मानजनक व्यवहार सुनिश्चित करने की मांग की है।











