श्यामकिशोर शर्मा- राजिम। राजिम में महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर एक ऐतिहासिक घोषणा ने पूरे क्षेत्र में नई उम्मीद जगा दी। सीएम विष्णुदेव साय ने राजिम को बैराज निर्माण की सौगात देने की घोषणा की है। इस महत्वाकांक्षी परियोजना से 136 गांवों को स्थायी पेयजल सुविधा मिलने का मार्ग प्रशस्त होगा। इस घोषणा के पीछे विधायक रोहित साहू के सतत प्रयासों को निर्णायक माना जा रहा है।
आपको बता दें कि राजिम और आसपास के ग्रामीण अंचलों में पेयजल संकट की समस्या रहा है। गर्मी के दिनों में जलस्तर गिरने से कई गांवों में स्थिति विकट हो जाती है। विधायक रोहित साहू ने इस मुद्दे को लगातार सीएम विष्णुदेव साय के ध्यान में लाया। सूत्रों के अनुसार, उन्होंने संबंधित विभागों के साथ बैठकें कर तकनीकी प्रस्ताव तैयार करवाया और मुख्यमंत्री के समक्ष विस्तृत प्रतिवेदन प्रस्तुत किया। इस पर मुख्यमंत्री श्री साय ने गंभीरता दिखाई। महाशिवरात्रि जैसे धार्मिक और सांस्कृतिक अवसर पर मुख्यमंत्री द्वारा बैराज की घोषणा को केवल राजनीतिक निर्णय नहीं, बल्कि क्षेत्रीय आवश्यकता की गंभीर स्वीकृति के रूप में देखा जा रहा है। यह स्पष्ट संकेत है कि मुख्यमंत्री श्री साय ने विधायक के प्रस्ताव को प्राथमिकता दी और क्षेत्र की मूलभूत समस्या के समाधान को गंभीरता से लिया।
136 गांवों को मिलेगा लाभ
बैराज निर्माण से न केवल राजिम नगर, बल्कि आसपास के 136 गांवों को स्थायी पेयजल की आपूर्ति न केवल सुनिश्चित होगी बल्कि वाटर लेवल भी बढ़ेगा। इससे ग्रामीणों को गर्मी के मौसम में राहत मिलेगी। कृषि और पशुपालन गतिविधियों को भी अप्रत्यक्ष लाभ होगा। भूजल स्तर पर दबाव कम होगा। सीएम की इस घोषणा के बाद क्षेत्र में उत्साह का वातावरण बना है। पूरे क्षेत्र में विधायक रोहित साहू के प्रयासों की सराहना हो रही है। स्थानीय जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों का कहना है कि जनहित के मुद्दों को लगातार उठाने का ही परिणाम है कि इतनी बड़ी परियोजना को स्वीकृति मिली। राजिम को बैराज की सौगात केवल एक निर्माण परियोजना नहीं, बल्कि 136 गांवों की प्यास बुझाने की दिशा में बड़ा कदम है। विधायक रोहित साहू के प्रयासों को मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय द्वारा गंभीरता से लेते हुए की गई यह घोषणा क्षेत्रीय विकास की नई इबारत लिखने की ओर संकेत करती है।
राजिम को प्रयागराज की तर्ज पर किया जाएगा विकसित
बता दें कि छत्तीसगढ़ की धर्मनगरी जो प्रयागराज के रूप में प्रसिद्ध राजिम को अब उत्तरप्रदेश के प्रयागराज की तर्ज पर विकसित किया जाएगा। महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर आयोजित राजिम कुंभ कल्प 2026 के समापन समारोह में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने मुख्य मंच से क्षेत्रवासियों और श्रद्धालुओं को ऐतिहासिक सौगात देते हुए संगम तट पर बैराज निर्माण की घोषणा की। इस परियोजना का उद्देश्य राजिम को राष्ट्रीय स्तर के धार्मिक पर्यटन केंद्र के रूप में स्थापित करना है। महाशिवरात्रि के पावन पर्व पर मुख्यमंत्री के इस घोषणा के साथ ही वर्षों से चली आ रही श्रद्धालुओं और स्थानीय निवासियों की मांग पूरी हो गई। इस बैराज के निर्माण से राजिम के त्रिवेणी संगम में अब बारहों महीने जलभराव की सुविधा उपलब्ध रहेगी। इससे पूर्व गर्मी के दिनों में नदी का जलस्तर काफी कम हो जाता था, लेकिन बैराज बनने से श्रद्धालु वर्षभर पवित्र स्नान का लाभ उठा सकेंगे। यह जल संरक्षण और जल प्रबंधन की दिशा में राज्य सरकार की एक शानदार पहल है।
राजिम का विकास तीर्थराज प्रयाग की तरह होगा- रोहित साहू
विधायक रोहित साहू ने हरिभूमि से चर्चा करते हुए बताया कि बैराज बनने से राजिम में पर्यटन विकास को नए पंख लगेंगे। नदी में स्थायी रूप से जलभराव रहने से यहाँ बोटिंग और नौका विहार की स्थायी सुविधा विकसित होगी। साथ ही वाटर स्पोर्ट्स की गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा और राजिम आने वाले पर्यटकों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि होगी। उन्होंने कहा कि गंगा की तर्ज पर महानदी का पुनरुद्धार होगा और जिस प्रकार प्रयागराज में नदियों के संगम पर जल का उचित प्रबंधन और पर्यटन बुनियादी ढांचा विकसित किया गया है, ठीक उसी तर्ज पर राजिम का भी विकास होगा। संगम के आसपास रिवर फ्रंट, सुंदर घाटों का निर्माण और प्रकाश की व्यवस्था भी की जाएगी। इससे छत्तीसगढ़ का प्रयाग कही जाने वाली राजिम की आध्यात्मिक गरिमा और बढ़ेगी। इसके अलावा भविष्य में आयोजित होने वाले राजिम कुंभ कल्प के दौरान श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं देने में आसानी होगी।
पीएम मोदी और सीएम साय गढ़ रहे विकास की नई परिभाषा
उन्होंने आगे कहा कि हमारी सरकार देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में और प्रदेश में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में सुशासन की यह सरकार विकास की नई परिभाषा गढ़ रही है। जब से प्रदेश में भाजपा की डबल इंजन की सरकार बनी है तब से डबल गति से विकास कार्यों की स्वीकृति मिल रही है। मुख्यमंत्री के इस महत्वपूर्ण घोषणा से राजिम की आध्यात्मिक गरिमा में अभिवृद्धि होगी और इसकी वैश्विक स्तर पर पहचान भी बढ़ेगी। राजिम का विकास राजिम की गरिमा और जनभावनाओं के अनुरूप हो इसके लिए प्रदेश सरकार प्रतिबद्ध होकर कार्य कर रही है। हमने बनाया है और हम ही संवारेंगे की तर्ज पर हमारी सरकार पूरे प्रदेश को संवारने में लगी है। इसी क्रम में राजिम को नई सौगातें लगातार मिल रही है। इस परियोजना का एक महत्वपूर्ण पहलू महानदी का संरक्षण भी है। गंगा पुनरुद्धार की तर्ज पर ही महानदी पुनरुद्धार एवं संरक्षण अभियान को इस बैराज निर्माण से अत्यधिक बल मिलेगा। इससे नदी की स्वच्छता और अविरलता बनी रहेगी। संगम तट पर स्थाई गंगा आरती घाट का निर्माण भी किया जाएगा जिससे वर्षभर प्रतिदिन महानदी मैया की आरती का आयोजन होगा।
136 गाँवों को मिलेगा पेयजल और किसानों को लाभ
बैराज निर्माण का सीधा लाभ न केवल धार्मिक और पर्यटन विकास को बल्कि स्थानीय निवासियों को भी मिलेगा। इस परियोजना से 136 गाँवों के लिए पेयजल सुविधा सुनिश्चित होगी। यहां से 136 गांवों को भूमिगत पाइपलाइन के माध्यम से पेयजल सुविधा प्रदान की जाएगी। साथ ही आस-पास के क्षेत्रों में भू-जल स्तर में सुधार होगा, जिससे कृषि कार्यों में भी व्यापक सहायता मिलेगी। यह पहल आगामी भविष्य के कई पीढ़ियों के लिए वरदान साबित होगा और इस महत्वपूर्ण परियोजना से वर्षों तक क्षेत्रवासियों को लाभ मिलता रहेगा।
साधु-संतों के लिए 50 लाख की लागत से बनेगा धर्मशाला
राजिम कुंभ कल्प में देश-विदेश से आने वाले साधु-संतों की सुविधा का ध्यान रखते हुए मुख्यमंत्री ने एक और महत्वपूर्ण घोषणा की। उन्होंने साधु-संतों के विश्राम हेतु राजीव लोचन मंदिर के समीप 50 लाख रुपए की लागत से एक आधुनिक धर्मशाला के निर्माण की मंजूरी दी है। इससे राजिम कुंभ कल्प के अलावा वर्षभर राजिम आने वाले साधु संतों को स्थायी विश्रामालय की सुविधा प्राप्त होगी तथा वर्षभर साधु संतों का राजिम में जमावड़ा बना रहेगा। विधायक रोहित साहू ने इन सौगातों के लिए प्रदेश के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का आभार जताया है। राजिम सहित आसपास के तमाम गांव के लोगो एवं स्थानीय नागरिको ने विधायक रोहित साहू के इस सदप्रयासों की मुक्त कंठ से सराहना कर रहे हैं।










