रायगढ़। महाशिवरात्रि के पावन पर्व पर सनातन संस्कृति से जुड़ाव का एक भावुक और ऐतिहासिक दृश्य देखने को मिला। जब छत्तीसगढ़ के
रायगढ़ जिले अंतर्गत बरगढ़ धाम में आयोजित हिन्दू महासंगम के दौरान 272 भटके हुए भाई-बहनों ने विधिवत मंत्रोच्चारण के साथ अपने पूर्वजों की सांस्कृतिक विरासत में पुनः घर वापसी की। बाबा सिद्धेश्वर महादेव की पावन धरा पर हुआ यह आयोजन न केवल धार्मिक, बल्कि सामाजिक चेतना और सांस्कृतिक पुनर्जागरण का सशक्त प्रतीक बनकर उभरा।
महाशिवरात्रि के इस शुभ अवसर पर आयोजित कार्यक्रम का आयोजन धर्म जागरण समन्वय छत्तीसगढ़ प्रान्त, कल्चुरी कलार महासंघ, सेवा न्याय उत्थान एवं दिलीप सिंह जूदेव फाउंडेशन के संयुक्त तत्वावधान में किया गया। कार्यक्रम में अखिल भारतीय घर वापसी प्रमुख प्रबल प्रताप सिंह जूदेव ने स्वयं चरण पखारकर सभी धर्मांतरित भाइयों-बहनों को सनातन परंपरा में पुनः सम्मिलित कराया।
घर वापसी अभियान निरंतर जारी रहेगा
अपने उद्बोधन में प्रबल प्रताप सिंह जूदेव ने कहा कि, कुमार दिलीप सिंह जूदेव जी द्वारा प्रारंभ किया गया घर वापसी अभियान निरंतर जारी रहेगा। यह धार्मिक धार्मिक अनुष्ठान के साथ अपनी जड़ों, संस्कृति और आत्मिक पहचान से पुनः जुड़ने का भी संकल्प है। कार्यक्रम को आध्यात्मिक दिशा प्रदान करते हुए मातंगीधाम से पधारे प्रेमा साईं महाराज ने अपने आशीर्वचन में कहा कि, महाशिवरात्रि पर महादेव का अटूट विश्वास हमें सनातन के शाश्वत सिद्धांतों को साहसपूर्वक अपनाने और उनके माध्यम से समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने की प्रेरणा देता है।
इस अवसर पर ये रहे उपस्थित
इस अवसर पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जुड़े विजय शंकर पटनायक, धर्म जागरण से राजकुमार चंद्रा, हथकरघा बोर्ड अध्यक्ष भोजराम देवांगन, रजाकार बोर्ड अध्यक्ष प्रहलाद रजक, समाज सेविका स्वाती गोयल शर्मा, अंजू गवेल, विजय जायसवाल सहित बड़ी संख्या में धर्मप्रेमी बंधु, मातृशक्ति और युवा कार्यकर्ता उपस्थित रहे। महाशिवरात्रि के इस पावन दिन हुआ यह आयोजन घर वापसी का कार्यक्रम रहा। यह सनातन संस्कृति की निरंतरता, सामाजिक एकता और सांस्कृतिक आत्मगौरव का जीवंत उदाहरण बनकर क्षेत्र में चर्चा का विषय बन गया। 











