रायपुर। छत्तीसगढ़ की पावन धरती पर सामाजिक सौहार्द और आध्यात्मिक चेतना का भव्य दृश्य देखने को मिला। जब बाबा गुरु घासीदास जी के विचारों को जन-जन तक पहुँचाने के उद्देश्य से आयोजित ‘विशाल सतनाम सद्भाव पदयात्रा’ का शुभारंभ हुआ। रायपुर के ऐतिहासिक पुराने विधानसभा चौक से शुरू हुई इस पदयात्रा ने पूरे वातावरण को सतनाम और समरसता के जयघोष से गुंजायमान कर दिया।
बुधवार को आयोजित इस भव्य कार्यक्रम में धरसींवा विधायक अनुज शर्मा ने आत्मीय सहभागिता निभाते हुए पदयात्रियों का गर्मजोशी से स्वागत किया। उन्होंने जैतखाम की विधिवत पूजा-अर्चना कर श्वेत ध्वज फहराया, पदयात्रियों पर पुष्प वर्षा की और सभी को मंगलमय यात्रा की शुभकामनाएं दीं। इस दौरान ‘बाबा गुरु घासीदास की जय’ और ‘सतनाम’ के जयघोष से वातावरण भक्तिमय हो उठा। यह विशाल पदयात्रा रायपुर से प्रारंभ होकर विभिन्न गांवों और कस्बों से गुजरते हुए बाबा गुरु घासीदास जी की जन्मस्थली एवं तपोभूमि गिरौदपुरी धाम तक पहुंचेगी।
भीतर के सद्भाव और सत्य को जागृत करने की यात्रा
पदयात्रियों को संबोधित करते हुए विधायक अनुज शर्मा ने कहा कि, बाबा गुरु घासीदास जी का अमर संदेश ‘मनखे-मनखे एक समान’ आज के समय में और भी अधिक प्रासंगिक है। यह पदयात्रा धार्मिक आयोजन के साथ समाज को एकता के सूत्र में पिरोने का सशक्त प्रयास है। उन्होंने कहा कि, रायपुर से गिरौदपुरी तक की यह यात्रा केवल दूरी तय करने का माध्यम नहीं, बल्कि अपने भीतर के सद्भाव और सत्य को जागृत करने की यात्रा है। सतनाम पंथ की शिक्षाओं ने ही छत्तीसगढ़ को शांति और भाईचारे की मिसाल बनाया है।
ये रहे उपस्थित
कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री गुरु खुशवंत साहेब, प्रदेश युवा मोर्चा अध्यक्ष राहुल टिकरिहा, सनम जांगड़े, सुनील शर्मा सहित सतनाम समाज के प्रमुख पदाधिकारी, स्थानीय जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे। सभी ने एक स्वर में सामाजिक समरसता, सत्य और सद्भाव के इस संदेश को जन-जन तक पहुँचाने का संकल्प लिया।









