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विधानसभा के बजट सत्र के दौरान धरसींवा विधायक अनुज शर्मा ने क्षेत्र में बढ़ते औद्योगिक प्रदूषण व जनहित मुद्दों कों प्रमुखता से सदन में उठाया। 

रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा के बजट सत्र के दौरान धरसींवा विधायक अनुज शर्मा ने क्षेत्र में बढ़ते औद्योगिक प्रदूषण व जनहित मुद्दों कों प्रमुखता से सदन में उठाया।विधायक श्री शर्मा नें  बज़ट सत्र के पाँचवे दिन सदन में 4 जनहित मुद्दों कों उठाया। जिसमे पहला सवाल धरसींवा क्षेत्र के किन उद्योगों को ESP (इलेक्ट्रोस्टैटिक प्रेसिपिटेटर) लगाने के निर्देश कब और किस आदेश के तहत दिए गए? और जनवरी 2024 से 31 जनवरी 2026 तक किन अधिकारियों ने प्रदूषण जांच की और क्या प्रदूषण संबंधी कोई उल्लंघन पाया गया? यदि हाँ, तो क्या कार्रवाई हुई?

जिसका जवाब वित्त मंत्री नें दिया कि जल अधिनियम (1974) और वायु अधिनियम (1981) के तहत उद्योगों को सम्मति दी जाती है, जिसमें वायु प्रदूषण नियंत्रण उपकरण लगाना अनिवार्य शर्त होती है। इसके तहत 38 उद्योगों ने ESP स्थापित किया है जिसमे उल्लंघनों पर नियमानुसार कार्यवाही का प्रावधान है। कुछ उद्योगों में नियमों के उल्लंघन की जानकारी संज्ञान में आई है, जिस पर नियमानुसार कार्यवाही की गई है। वहीं दूसरे सवाल पर धरसींवा विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत छत्तीसगढ़ भू-संपदा विनियामक प्राधिकरण (रेरा) अंतर्गत किन-किन बिल्डरों/कालोनाईजरों ने कितने-कितने क्षेत्र/भूभाग के लिये तथा किन-किन स्थानों / ग्रामों पर कालोनी/भूमि/मकान बिक्री हेतु अपना पंजीयन कराया है व रेरा में पंजीयन कराये बिना कालोनी/प्लाट बेचे जाने की कितनी शिकायतें 2023 से जनवरी, 2026 तक विभाग को प्राप्त हुई हैं तथा इन शिकायतों पर क्या कार्यवाही की गई? अवैध प्लॉट बिक्री पर दंड का क्या प्रावधान है और इन्हें वैध (नियमित) कैसे किया जा सकता है? और रेरा में पंजीकरण के लिए न्यूनतम कितना क्षेत्रफल या प्लॉट होना अनिवार्य है?

वित्त मंत्री  ओ. पी. चौधरी ने दिया जवाब 
जिसका जवाब वित्त मंत्री  ओ. पी. चौधरी ने दिया कि विधानसभा क्षेत्र धरसींवा अंतर्गत छत्तीसगढ़ भू-संपदा विनियामक प्राधिकरण (रेरा) में कुल 157 परियोजनाएँ पंजीकृत हुई है, जिनका कुल निर्माण क्षेत्रफल 90,05,706.99 वर्ग मीटर है, रेरा में पंजीयन कराये बिना कालोनी/प्लाट बेचे जाने हेतु 2023 से जनवरी, 2026 तक 03 शिकायतें विभाग को प्राप्त हुई हैं। भू-संपदा (विनियमन और विकास) अधिनियम, 2016 की धारा 3 के उल्लंघन (बिना पंजीकरण विज्ञापन या बिक्री) पर धारा 59 के तहत शास्ति (जुर्माना/दंड) का प्रावधान है व नियमितीकरण (वैध करने की प्रक्रिया) नगरीय निकाय क्षेत्र छत्तीसगढ़ नगर पालिक निगम/नगर पालिका नियम, 2013 के नियम 15-क के तहत 31 जुलाई 2019 तक अस्तित्व में आई अनधिकृत कॉलोनियों को नियमित करने का प्रावधान है व ग्राम पंचायत क्षेत्र के अवैध कॉलोनियों के प्रबंधन हेतु अलग से कानूनी प्रावधान लागू हैं। 

उद्योगों को बारे में पूछा गया सवाल 
वही तीसरे सवाल पर विधानसभा क्षेत्र धरसींवा अंतर्गत स्थापित उद्योगों में निरिक्षण एवं जांच की क्या आवृत्ति निर्धारित की गई है? व अत्यधिक प्रदूषणकारी वृहद एवं मध्यम उद्योगों तथा लाल श्रेणी में आने वाले वृहद एवं मध्यम दर्जे के उद्योगो में जनवरी 2024 से दिनांक 31.01.2026 तक जांच आवृत्ति अनुसार कब-कब द्वारा जांच की गई।  जिसका जवाब वित्त मंत्री ओ. पी. चौधरी ने दिया कि 17 प्रकार के अति प्रदूषणकारी वृहद्/मध्यम/लघु श्रेणी उद्योगों का प्रत्येक 06 माह में, लाल श्रेणी के वृहद्/मध्यम उद्योगों का प्रत्येक 06 माह में एवं लघु उद्योगों का प्रत्येक 09 माह में, नारंगी श्रेणी के वृहद्/मध्यम उद्योगों का प्रत्येक 06 माह में एवं लघु श्रेणी उद्योगों का प्रत्येक 12 माह में तथा हरे श्रेणी के उद्योगों का प्रत्येक 24 माह में निरीक्षण किये जाने का प्रावधान रखा गया है, जो कि धरसींवा विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत स्थापित उद्योगों के लिए भी लागू है।

संस्कृति विभाग में कलाकारों के पंजीयन का पूछा गया प्रश्न 
चौथे सवाल पर राज्य के संस्कृति विभाग में कलाकारों के पंजीयन के लिए क्या प्रक्रिया व मापदंड निर्धारित हैं और पंजीकृत कलाकारों का ग्रेडेशन और मानदेय (पारिश्रमिक) किस आधार पर तय किया जाता है? जिसका जवाब वित्त मंत्री ओ.पी चौधरी ने दिया कि छ.ग के कलाकारों के पंजीयन के लिए विभाग ने 'चिन्हारी पोर्टल' के माध्यम से ऑनलाइन सुविधा उपलब्ध कराई है। छत्तीसगढ़ के सभी लोक कलाकार इस पोर्टल पर अपनी जानकारी दर्ज कर पंजीयन करा सकते हैं। कलाकारों का ग्रेडेशन और मानदेय "छत्तीसगढ़ कलाकार एवं पंजीयन नियम" के अंतर्गत गठित एक चयन समिति द्वारा किया जाता है। समिति कलाकारों की कला और अनुभव के आधार पर उन्हें ग्रेड आवंटित करती है, जिसके अनुसार पारिश्रमिक तय होता है। 

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