haribhoomi hindi news
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को लेकर हालात एक बार फिर गंभीर हो गए हैं। ईरान ने इस रणनीतिक रूप से बेहद अहम जलमार्ग को अपने नियंत्रण में लेकर दोबारा बंद कर दिया है।

Hormuz Strait Crisis: स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को लेकर हालात एक बार फिर गंभीर हो गए हैं। ईरान ने इस रणनीतिक रूप से बेहद अहम जलमार्ग को अपने नियंत्रण में लेकर दोबारा बंद कर दिया है। इसके चलते खाड़ी क्षेत्र में तनाव चरम पर पहुंच गया है और समुद्र में जहाजों की लंबी कतारें लग गई हैं।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस दौरान दो व्यापारी जहाजों पर फायरिंग की गई, जिन पर भारतीय झंडा लगा हुआ था। राहत की बात यह रही कि इस घटना में किसी भी क्रू मेंबर को चोट नहीं आई और जहाजों को भी कोई बड़ा नुकसान नहीं हुआ।

घटना के बाद भारत सरकार सतर्क हो गई है। डायरेक्टर जनरल ऑफ शिपिंग स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है और जहाजों पर मौजूद भारतीय कर्मचारियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा रही है। इसके साथ ही अन्य भारतीय जहाजों की सुरक्षा को लेकर भी विशेष निगरानी रखी जा रही है।

इस घटनाक्रम के बाद भारत ने सख्त रुख अपनाते हुए विदेश मंत्रालय ने नई दिल्ली में ईरान के राजदूत को तलब किया। विदेश सचिव ने इस घटना को “गंभीर” बताते हुए भारत की चिंता स्पष्ट रूप से जताई।

उन्होंने यह भी याद दिलाया कि पहले ईरान ने भारतीय जहाजों को सुरक्षित मार्ग देने में सहयोग किया था, ऐसे में अब भी उसी तरह के सहयोग की उम्मीद की जा रही है।

जानकारी के अनुसार, लेबनान-इजरायल सीजफायर और हालिया कूटनीतिक गतिविधियों के बाद अब तक नौ भारतीय जहाज इस मार्ग से गुजर चुके हैं। हालांकि, ताजा हालात के बाद कई जहाजों ने रास्ता बदलना शुरू कर दिया है और कम से कम दो भारतीय जहाजों को यू-टर्न लेना पड़ा है।

इस बीच ईरान की संसद की राष्ट्रीय सुरक्षा समिति के प्रमुख इब्राहिम अजीजी ने कहा है कि अब इस मार्ग से गुजरने वाले हर व्यापारिक जहाज को IRGC (ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स) की नौसेना से अनुमति लेनी होगी।

ईरान की सेना ने खाड़ी क्षेत्र में सख्त सैन्य नियंत्रण लागू करने की घोषणा भी की है। ईरान ने अमेरिका पर आरोप लगाया है कि वह “नाकेबंदी” के नाम पर नियमों का उल्लंघन कर रहा है और ईरानी बंदरगाहों के खिलाफ कार्रवाई कर रहा है।

विशेषज्ञों का मानना है कि इस घटनाक्रम का असर वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला और तेल बाजार पर पड़ सकता है, क्योंकि होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण ऊर्जा मार्गों में से एक है।

7