भिलाई। दुर्ग जिले के समोदा गांव में बरामद अफीम की खेती उजाड़ी जा चुकी है। अब इसे नष्ट करने के लिए एनसीबी से अनुमति मांगी जाएगी। लेकिन अब बड़ी बात यह पता चल रही है कि, यहीं से निकले अफीम के डोडा चूरा की सप्लाई स्थानीय ढाबों और होटल में हो चुकी थी। पुलिस ने ढाबे और होटल वाले को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने बताया कि, भाजपा नेता विनायक ताम्रकर अपने सहयोगी के साथ मिलकर समोदा में साल भर से अफीम की खेती कर रहा था। अफीम को तीन प्रकार के प्लान के तहत कारोबार को फैलाने की योजना थी। पहले प्लान में खसकस निकालकर इसे एमपी, राजस्थान भेजा जाना था। दूसरे प्लान में डोडा चूरा निकलने की योजना थी। यह राजस्थानी ढाबा व छत्तीसगढ़ में बेच देते। तीसरा प्लान अफीम को राजस्थान और छत्तीसगढ़ में खपाकर कारोबार फैलाने का था। लेकिन सूचना मिलते ही उसके मनसूबों पर पुलिस ने पानी फेर दिया।
दुर्ग जिले में बाहरी से आकर खेते करने वालों पर पुलिस की नजर अफीम मिलने के बाद दुर्ग जिले में कई बाहरी खेतिहर पुलिस के संदेह के घेरे में आ गए हैं। इसे लेकर पुलिस व राजस्व विभाग जांच में जुटी हुई है। समोदा गांव के कई किसानों के खेतों पर पुलिस की पैनी नजर लगी हुई है। पुलिस ने अब तक इसमें पांच आरोपी विनायक ताम्रकर, विकास विश्नोई, मनीष उर्फ गोलू ठाकुर, जोधपुर राजस्थान से छोटूराम, बेमेतरा से ढाबा से रणछेड राम उर्फ रणजीत, सुनील देवासी को पकड़ा है। अचलराम, श्रवण विश्नोई फरार हैं। घटना जेवरा सिरसा पुलिस चौकी क्षेत्र का है।
ढाबे वालों को दिया था डोडा
पुलिस ने बताया कि, समोदा के अफीम से निकाले गए डोडा चूरण को सिमगा रोड पर कठिया के श्रीरामदेव होटल और राजस्थानी हाइवे ढाबे में दिया गया था। पुलिस ने यहां से राजस्थान निवासी रणछोड राम उर्फ रणजीत और सुनील देवासी को गिरफ्तार किया है । रणजीत और सुनील देवासी को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के पास से पुलिस ने डोडा 304 ग्राम, मिक्सी, नगदी 1.29 लाख रुपए, दो मोबाइल फोन जब्त किया गया है। पुलिस ने विनायक ताम्रकर द्वारा और कितने राजस्थानी ढाबों वालो को डोडा दिया है, इसकी भी जानकारी जुटाई जा रही है।
भिलाई-दुर्ग के ढाबों पर है पुलिस की नजर
पुलिस पूछताछ में यह बात सामने आई है कि समोदा से निकले नाले अफीम को विनायक ताम्रकर और उसकी टीम ने राजस्थान से आकर ढाबा चलाने वाले और एमपी के लोगों तक अफीम पहुंचाने का प्लान तैयार किया था और इस पर अमल की तैयारी थी, इस कारण सभी की चेकिंग के लिए टीम बनाकर दबिश दी जा रही है। चेकिंग में दो ढाबा संचालकों को पुलिस ने पकड़ा है। आने वाले दिनों में पुलिस को बड़ा सुराग हाथ लगने की उम्मीद है। इससे बड़ा खुलासा हो सकता है।
सात दिनों में मिलेगी अनुमति
दुर्ग एसएसपी विजय अग्रवाल ने बताया कि, सालभर से अफीम का काम कर रहा था। कहां-कहां बेचने का प्लान था, इन सबकी जानकारी ली गई है। अफीम राजस्थान, एमपी और छत्तीसगढ़ में खपाने की तैयारी थी। इसके अलावा ढाबा वालों को भी डोडा दिया था। दो संचालकों को पकड़ा गया है। अफीम को सीलबंद कर मालखाने में रखा गया है। एनसीबी और इग निराकरण समिति से अनुमति लेने के बाद इसे नष्ट किया जाएगा। इसमे सात दिन का समय लग सकता है।










