नारायणपुर। छत्तीसगढ़ के नारायणपुर के जिला अस्पताल में बुधवार को दो चिकित्सकों डॉ. हिमांशु सिन्हा एवं डॉ. धनराज सिंह डड़सेना के अंतिम कार्य दिवस पर एक गरिमामयी विदाई समारोह का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम अस्पताल परिसर में डॉक्टरों एवं नर्सिंग स्टाफ द्वारा आयोजित किया गया, जिसमें अस्पताल परिवार के सभी वर्गों के कर्मचारियों ने सहभागिता निभाई।
समारोह को संबोधित करते हुए सिविल सर्जन ने कहा कि दोनों चिकित्सकों ने अपने कार्यकाल की शुरुआत से ही असाधारण उपलब्धियां दर्ज कीं। उन्होंने विशेष रूप से उल्लेख किया कि उनके नेतृत्व एवं उपचार से भारत का तीसरा एवं छत्तीसगढ़ का पहला क्यूटेनियस नोकार्डिया संक्रमण का सफल प्रबंधन उपचार हुआ। साथ ही एक मिलियन में एक माने जाने वाले दुर्लभ इंसुलिनोमा केस का सफल उपचार, कार्डियक अरेस्ट मरीज को पुनर्जीवित करना, डायलिसिस सेवाओं में 91 प्रतिशत की वृद्धि तथा अनेक जटिल आपातकालीन मामलों का सफल उपचार उनकी उल्लेखनीय उपलब्धियों में शामिल रहा।

अस्पताल की रेफरल दर घटकर हुई 3 प्रतिशत
नर्सिंग स्टाफ ने अपने वक्तव्य में कहा कि दोनों डॉक्टरों के समर्पण एवं नेतृत्व के कारण अस्पताल की रेफरल दर घटकर मात्र 3 प्रतिशत हो गई, जो जिला स्तर पर एक बड़ी उपलब्धि है। साथ ही जिला अस्पताल को NQAS, LaQshya एवं MusQan जैसी महत्वपूर्ण गुणवत्ता प्रमाणन दिलाने में उनकी भूमिका अत्यंत सराहनीय रही।
दो चिकित्सकों को किया गया सम्मानित
यह भी उल्लेखनीय है कि वर्ष 2025 में स्वास्थ्य विभाग में उत्कृष्ट कार्य हेतु दोनों चिकित्सकों को सिविल सर्जन, जिला अस्पताल नारायणपुर द्वारा सम्मानित किया गया था। इसके अतिरिक्त 26 जनवरी 2026 को जिला प्रशासन द्वारा गणतंत्र दिवस समारोह में माननीय सांसद श्री महेश कश्यप जी के करकमलों से भी उन्हें सम्मान प्राप्त हुआ। कार्यक्रम के अंत में सिविल सर्जन सहित समस्त चिकित्सकों, नर्सिंग स्टाफ एवं कर्मचारियों ने दोनों डॉक्टरों को औपचारिक विदाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

दोनों डॉक्टर हुए भावुक
अपने संबोधन में डॉ. हिमांशु सिन्हा एवं डॉ. धनराज सिंह दरसेना भावुक हो उठे। उन्होंने जिला अस्पताल नारायणपुर परिवार के प्रति गहरा आभार व्यक्त करते हुए कहा कि पिछले दो वर्षों में उन्हें जो सम्मान, स्नेह, मार्गदर्शन और सहयोग मिला, वह जीवन भर अविस्मरणीय रहेगा। उन्होंने पूरी टीम को एक समर्पित एवं उत्कृष्ट परिवार बताते हुए कहा कि यहां की सीख और अनुभव उनकी आगामी सेवा यात्रा में सदैव प्रेरणा स्रोत रहेंगे।









