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बिजली कनेक्शन कट करने के मामले में पॉवर कंपनी का तर्क है कि बिल भुगतान की अंतिम तिथि के 15 दिनों के बाद कनेक्शन कट करने का एक्ट में प्रावधान है। 

रायपुर। छत्तीसगढ़ राज्य पॉवर कंपनी द्वारा हजार रुपए तक के बकाया पर ही बिजली कट करने के मामले में बिजली नियामक आयोग में छत्तीसगढ़ राज्य पॉवर कंपनी ने आयोग के नोटिस के जवाब में मंगलवार को अपना पक्ष रखा कंपनी के पक्ष से आयोग संतुष्ट नहीं है। आयोग ने अब अगले आदेश तक फिलहाल किसी भी उपभोक्ता की बिजली कट करने पर रोक लगा दी है। इस मामले में आयोग का फैसला जल्द आएगा।

बिजली कनेक्शन कट करने के मामले में पॉवर कंपनी का तर्क है कि बिल भुगतान की अंतिम तिथि के 15 दिनों के बाद कनेक्शन कट करने का एक्ट में प्रावधान है, लेकिन आयोग के पास जो शिकायतें आई हैं उसमें तो अंतिम तिथि के पहले भी कई कनेक्शन कट कर दिए गए हैं। इसी के साथ अंतिम तिथि समाप्त होने के बाद बिना 15 दिनों का इंतजार किए ही कभी भी कनेक्शन कट कर दिए गए हैं। इस मामले को लेकर आयोग भारी खफा है।

लगाई है रोक
बिजली नियामक आयोग के सचिव एसपी शुक्ला ने बताया कि, अभी किसी भी उपभोक्ता के कम बकाया होने पर कनेक्शन कट करने पर अगले आदेश तक रोक लगाई गई है।

रसूखदारों पर मेहरबानी
आयोग में इस बात की भी शिकायत आई है कि एक तरफ पॉवर कंपनी कम बकाया होने पर भी लगातार आम उपभोक्ताओं के कनेक्शन कट कर रही है, दूसरी तरफ रसूखदारों के कनेक्शन काटने में पॉवर कंपनी का पसीना छूट रहा है। कई निजी उपभोक्ताओं के साथ ही विधायक, मंत्री, सांसद और आईएएस अधिकारियों पर भी बड़ा बकाया है, लेकिन इनकी बिजली कभी कट नहीं की गई है। जनसुनवाई में यह मुद्दा कांग्रेस नेताओं के साथ अन्य ने भी उठाते हुए शिकायत की थी।

कंपनी ने नहीं किया नियमों का पालन
जिस तरह की आयोग में शिकायतें आई है उससे साफ हैं कि कंपनी ने एक्ट में दिए गए नियमों का पालन ही नहीं किया है। ज्यादातर मामलों में जिनके कम बकाया होने पर बिजली कट की गई है, उनकी बिजली अंतिम तिथि समाप्त होने के बाद 15 दिनों का समय दिए बिना ही कट हुई है। इसका कंपनी कोई जवाब नहीं दे पाई है। आयोग इस बात से जरूर सहमत है कि एक्ट के मुताबिक अंतिम तिथि के 15 दिनों बाद बिजली कट की जा सकती है। लेकिन इसके पहले बिजली कट करना सही नहीं है।

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