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स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी माध्यम स्कूल में छात्र से 100 बार उठक- बैठक कराने मामले में दोनों शिक्षिकाओं को जांच रिपोर्ट में क्लीन चिट दे दी गई है। 

एनिशपुरी गोस्वामी- मोहला। स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी माध्यम स्कूल में छात्र से 100 बार उठक- बैठक कराने मामले में दोनों शिक्षिकाओं को जांच रिपोर्ट में क्लीन चिट दे दी गई है। इधर, आत्मानंद की सहायक ग्रेड 3 की महिला कर्मचारी ने व्याख्याता पर मानसिक प्रताड़ना, दुर्व्यवहार, अश्लील हरकत और हरासमेंट के आरोपों के तहत कलेक्टर, एसपी और DEO को लिखित मे शिकायत प्रस्तुत किया है। 

इस मामले की जांच दो विशाखा समिति, आधा दर्जन जांच टीम को एक के बाद एक DEO कार्यालय, कलेक्ट्रेट के तरफ से जांच करने तथा अंतिम प्रतिवेदन प्रस्तुत करने निर्देश जारी हुआ है। शिक्षा विभाग के जिम्मेदार अफसर और संबंधित प्राचार्य जांच के नाम पर व्याख्याता को बचाने हर तरह का हथकंडा अपना रहे हैं। 6 महीने के भीतर व्याख्याता सुशील चौरसिया के खिलाफ एक और मामला सामने आया है। जिसमें तीसरी महिला व्याख्याता ने मानसिक प्रताड़ना, धमकाने तथा विशाखा समिति के जांच में क्लीन चिट देने को लेकर दबाव बनाने का मामला उजागर किया है।

महिला व्याख्याता ने की लिखित शिकायत 
महिला व्याख्याता ने जिला प्रशासन और पुलिस के समक्ष लिखित शिकायत प्रस्तुत कर महिलाओं के प्रति शिक्षा विभाग में चल रहे गड़बड़ियों को सामने लाया है। व्याख्याता सुशील चौरसिया के खिलाफ आत्मानंद स्कूल की एक प्रधान पाठिका, एक तृतीय वर्ग श्रेणी महिला कर्मचारी तथा आज एक विशाखा समिति के सदस्य तथा स्कूल की व्याख्याता ने गंभीर एलिगेशन के साथ आवेदन प्रस्तुत किया है। DEO कार्यालय ने जांच के नाम पर दो विशाखा समिति सहित आधा दर्जन जांच टीम नियुक्त किया है। प्राचार्य और BEO को विभाग ने जांच के लिए निर्देश किया है।

महिला कर्मचारी ने भी की शिकायत 
आत्मानंद स्कूल में महिला उत्पीड़न के मामले में व्याख्याता सुशील चौरसिया के खिलाफ एक प्रधान पाठिका, एक तृतीय वर्ग महिला कर्मचारी के शिकायत पर जिला शिक्षा विभाग मंद गति से जांच कर रहा है। इस मामले में ना जांच का ठिकाना है और ना कार्यवाही की। ऐसे में एक और तीसरी महिला व्याख्याता और विशाखा समिति की सदस्य ने आज बेहद गंभीर आरोपों के साथ व्याख्याता के खिलाफ शिकायत प्रस्तुत किया है।

व्याख्याता को बचाने के लिए विशाखा समिति पर दबाव
लगातार महिला उत्पीड़न का आरोप एक प्रधान पाठिका, तृतीय वर्ग कर्मचारी के द्वारा व्याख्याता सुशील चौरासिया के ऊपर लगा है। ये दोनों मामले में विभाग व्याख्याता के ऊपर मेहरबान है लगातार व्याख्याता को बचाने छात्र-छात्राओं को ढाल बनाकर कलेक्ट्रेट, DEO कार्यालय भेजा गया। बयान में  जिन टीचर और कर्मचारियों का मामले में कोई लेना-देना नहीं है, उनसे बयान लिया गया है। अब तीसरी महिला विशाखा समिति की सदस्य व्याख्याता पर जांच रिपोर्ट मे क्लीन चिट देने दबाव बनाने धमकी देने मानसिक प्रताड़ना का कलेक्ट्रेट, DEO कार्यालय तथा अंबागढ़ चौकी पुलिस को आवेदन प्रस्तुत किया है।

DEO ने दी जानकारी 
छात्र को 100 बार उठक बैठक कराने के मामले में DEO योग दास साहू ने कहा कि, विकासखंड शिक्षा अधिकारी की जांच टीम ने छात्र संबंधी घटना को नकार दिया है। व्याख्याता के मामले में जांच रिपोर्ट कल प्रस्तुत किया जाएगा।  

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