एनिशपुरी गोस्वामी- मोहला। महाराष्ट्र के गढ़चिरौली जिले में माओवाद के खिलाफ चल रहे अभियान को एक बड़ी सफलता मिली है। गढ़चिरौली पुलिस और सीआरपीएफ के समक्ष 11 वरिष्ठ माओवादियों ने आत्मसमर्पण कर दिया है। इनमें डीवीसीएम, क्षेत्रीय समिति सचिव, पीपीसीएम, कमांडर और एसीएम रैंक के हार्डकोर माओवादी शामिल हैं। इन पर सरकार द्वारा कुल 68 लाख रुपये का इनाम घोषित था।
मोहला मानपुर अंबागढ़ चौकी जिले से सटे महाराष्ट्र के गचिरौली जिले में आज महाराष्ट्र पुलिस तथा सीआरपीएफ के समक्ष कंपनी नंबर 10 के 11 हार्डकोर नक्सलियों ने हथियार डाल दिए हैं। महाराष्ट्र नक्सल सेल के अनुसार, आत्मसमर्पण करने वालों में कई ऐसे कैडर हैं जो वर्षों से संगठन में सक्रिय रहकर विभिन्न हिंसक गतिविधियों में शामिल रहे। इनके साथ अन्य सहयोगियों ने भी हथियार छोड़कर मुख्यधारा में लौटने का आज फैसला कर लिया।
एसपी ने दी मामले की जानकारी
गढचिरौली एसपी निलोत्पल के अनुसार आज गढ़चिरौली जिले के लिए बड़ा दिन है। इन 11 माओवादियों के सिलेंडर के बाद मान लिया गया है कि महाराष्ट्र का गढचिरौली जिला 31 मार्च नक्सलियों के अंतिम डेट लाइन से पहले नक्सल मुक्त हो गया। बताया गया कि विगत 35 वर्षों तक गढ़चिरौली जिले में नक्सलियों का साम्राज्य बना हुआ था।
गढ़चिरौली पुलिस और सीआरपीएफ के समक्ष 11 वरिष्ठ माओवादियों ने आत्मसमर्पण कर दिया है। इन पर सरकार द्वारा कुल 68 लाख रुपये का इनाम घोषित था। pic.twitter.com/BXSNJTeOos
— Haribhoomi (@Haribhoomi95271) March 19, 2026
आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों के नाम
- सोनी, बाली वट्टे मट्टामी डीवीसीएम कुटुल एलओएस उम्र 45 वर्ष जिला नारायणपुर
- बुदारी रामबट्टी अयातु मट्टामी क्षेत्रीय समिति सचिव इंद्रावती क्षेत्र उम्र 40 वर्ष, जिला बीजापुर
- सुखलाल बोल्गा कोक्सा कमांडर वेस्ट ब्यूरो सप्लाई टीम उम्र 31 वर्ष, जिला नारायणपुर
- शांति सोमारी गंगा तेलमी पीपीसीएम वेस्ट ब्यूरो सप्लाई टीम उम्र 28 वर्ष जिला सुकमा
- यामुनाक्का रुखमक्का पोट्टी पेंडम एसीएम भामरागढ़ एलओएस उम्र 60 वर्ष जिला गढ़चिरौली
- गणेश उलेज कोवासी सदस्य कंपनी नंबर 10 उम्र 21 वर्ष, जिला गढ़चिरौली
- मिनाको जमानी कार्या मट्टामी सदस्य कंपनी नंबर 10, उम्र 22 वर्ष, जिला कांकेर
- धनु दसरू वेलंजे सदस्य कंपनी नंबर 10 उम्र 38 वर्ष जिला गढ़चिरौली
- सुनीता वंगे वट्टे होयम सदस्य सैंड्रा एलओएस उम्र 25 वर्ष जिला बीजापुर
- रमेश पांडु मदवी सदस्य मोबाइल पॉलिटिकल स्कूल उम्र 28 वर्ष, जिला सुकमा
- किशोर सुकरिया वासम मिलिशिया कमांडर सैंड्रा एलओएस उम्र 33 वर्ष, जिला बीजापुर
मोहला- मानपुर जंक्शन में थी आमद
बस्तर और महाराष्ट्र गढ़चिरौली जिले के बीच में जंकशन का काम कर रही मोहला मानपुर जिले में भी था इन नक्सलियों का आना जाना। बरहाल अब मोहला मानपुर में भी छः नक्सली शेष बच गए है। हाल ही में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक यशपाल सिंह ने प्रेस के माध्यम से मुख्य धारा में लौटने का अंतिम आह्वान किया है। साथ ही उनकी सुरक्षा की गारंटी भी दी है।
अंतिम चरण में माओवाद
गढ़चिरौली में कभी माओवाद का व्यापक प्रभाव था और यह जिले के सभी 10 उप-विभागों में फैला हुआ था। लेकिन अब यह गतिविधियां सिमटकर केवल भामरागढ़ उप-विभाग के सीमावर्ती क्षेत्रों तक ही रह गई हैं। लगातार हो रही सख्त कार्रवाई और पुनर्वास नीति के चलते माओवादी संगठन कमजोर पड़ता जा रहा है।
आत्मसमर्पण नीति का असर
साल 2005 से महाराष्ट्र सरकार द्वारा लागू आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीति का सकारात्मक असर देखने को मिल रहा है। इसी नीति के तहत अब तक 794 सक्रिय माओवादी गढ़चिरौली पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण कर चुके हैं। केवल वर्ष 2025 से अब तक 123 सशस्त्र माओवादी हथियार छोड़ चुके हैं। पिछले वर्ष 15 अक्टूबर 2025 को माओवादी संगठन के शीर्ष नेता मल्लोजुला वेणुगोपाल राव उर्फ भूपति उर्फ सोनू सहित 61 वरिष्ठ कैडरों ने 54 हथियारों के साथ आत्मसमर्पण किया था। इस घटना ने माओवादी नेटवर्क को गहरा झटका दिया। इसके बाद देशभर में 897 माओवादी कैडरों ने 545 हथियारों के साथ आत्मसमर्पण किया है।









