आशीष गुप्ता- बतौली। छत्तीसगढ़ के बतौली के ग्राम रतनपुर में करोड़ों की राशि से नहर निर्माण किया जा रहा है। जहां विभागीय उदासीनता से मैनपाट के 6 प्रभावित किसानों के 7 एकड़ भूमि अधिग्रहण करने के बाद भी पिछले 4 महीने से मुआवजा राशि हेतु अधिकारियों के चक्कर लगा रहे हैं। इधर नहर निर्माण जारी है जहां किसानों को मुआवजा नहीं मिलने की चिंता सता रही है।
बड़ी अजीब विडंबना की बात है जब शासन द्वारा निजी पट्टे की भूमि अधिग्रहण करती है तो मुआवजा देने में आनाकानी क्यूं,यह सवाल प्रभावित 6 किसानों के माथे में चिंता का विषय बना हुआ है। जिनके 7.138 एकड़ भूमि नहर निर्माण में जमींदोज हो रहे है जो खुद की पुस्तैनी भूमि के राशि पाने पिछले 4 महीने से अधिकारियों के दर दर जा कर निवेदन कर रहे है। लेकिन आश्वासन के अलावा कुछ नहीं मिल रहा है। किसान इतने मजबूर और लाचार हैं कि, खुद की पुस्तैनी भूमि आंखों के सामने शासकीय कार्य नहर निर्माण में छीन लिए गए। वो हर रोज अपनी भूमि में नहर निर्माण होता देख रहे है जो उम्मीद के साथ अधिकारियों को आवेदन देकर टकटकी नजर बनाए हुए है कि कोई साहब इन्हें भू अर्जन का राशि दिलवा दे।

इन जमीनों का नहीं दिया गया मुआवजा
बतौली के ग्राम सिरकीढोडी बांध से ग्राम रतनपुर होते हुए ग्राम पंचायत कोट तक करोड़ों की राशि से सिंचाई विभाग द्वारा नहर का कार्य ठेकेदार के माध्यम से करा रहे है। जहां मैनपाट के तराई क्षेत्र ग्राम कोट निवासी 6 किसान उमेश्वर कंवर के भूमि रकबा 4.973,इंद्रवती कंवर भूमि रकबा 0.441, सुखलाल कंवर भूमि रकबा 0.154, रामचंद्र कंवर भूमि रकबा 0.267, सुमित्रा भूमि रकबा 0.510, अमरसाय भूमि रकबा 0.793 कुल 7.138 एकड़ भूमि इन किसानों का भू अर्जन किया गया है लेकिन आज तक इन्हें राशि प्रदान नहीं की गई है जो खुद जिले के कलेक्टर के नाम 22/12/2025 को मुआवजा प्रदान करने आवेदन के साथ निवेदन कर के आए है। उसके बावजूद भू अर्जन विभाग द्वारा मुआवजा प्रकरण नहीं प्रदाय किया जा रहा है।
जांच के बाद होगी कार्रवाई- एसडीएम
इस संबंध में सीतापुर एसडीएम राम सिंह ठाकुर ने कहा कि मामले का जायजा लिया जाएगा कि प्रभावित किसानों का प्रकरण बना है या नहीं उन्हें उनकी मुआवजा राशि प्रदान की जाएगी।









