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शहर के भीतर बाइक सवारों के लिए हेलमेट की अनिवार्यता पर हमेशा विवाद के हालात रहे है। हर बार पुलिस प्रशासन को बैकफुट पर आना पड़ा।

रायपुर। शहर के भीतर बाइक सवारों के लिए हेलमेट की अनिवार्यता पर हमेशा विवाद के हालात रहे हैं और हर बार पुलिस प्रशासन को बैकफुट पर आना पड़ा, लेकिन इस बार अघोषित तौर पर इसे अनिवार्य कर दिया गया है। थोक में कट रहे चालान बता रहे हैं कि शहर के भीतर भी पुलिस सख्ती बरत रही है। गौरतलब है, पुलिस कमिश्नरेट लागू होने के पूर्व शहर के अंदरूनी क्षेत्र में बगैर हेलमेट के दोपहिया चलाने पर दोपहिया वाहन चालकों के खिलाफ चालानी कार्रवाई नहीं होती थी, लेकिन अब शहरी क्षेत्र में भी बाइकर्स का चालान काटा जा रहा है। अफसरों का कहना है, हादसा रोकने सख्ती की जा रही है।

पुलिस तथा न्यायिक विभाग की समीक्षा रिपोर्ट के अनुसार रायपुर जिले में हर सप्ताह सड़क दुर्घटना में आठ लोगों की मौतें हो रही हैं। मरने वालों में 75 प्रतिशत दोपहिया वाहन के चालक होते हैं। बड़ी संख्या में ग्रामीण क्षेत्र के लोग दोपहिया में काम के सिलसिले में तथा अन्य कार्य के लिए रायपुर आते हैं, इसलिए शहरी क्षेत्र में ऐसे दोपहिया वाहन चालक जो बगैर हेलमेट के दोपहिया चलाते हैं, उनका अनिवार्य रूप से ई-चालान काटने का आदेश है।

जितनी दफा कैमरे की जद में आएंगे, उनका चालान कटेगा
पुलिस कमिश्नर ने साफ तौर पर कहा है कि जो बगैर हेलमेट के जितनी दफा कैमरे के कैद में आएगा, उनका अनिवार्य रूप से ई-चालान कटेगा। पुलिस कमिश्नर ने सभी दोपहिया वाहन चालकों को चालानी कार्रवाई से बचने अनिवार्य रूप से हेलमेट पहन कर दोपहिया चलाने की अपील की है। इसके साथ ही ड्रंक एंड ड्राइव पर लगातार कार्रवाई जारी रखने की बात कही

हेलमेट पर सख्ती जारी रहेगी
पुलिस कमिश्नर डॉ. संजीव शुक्ला ने बताया कि, ट्रैफिक नियमों का लोग अनिवार्य रूप से पालन करें तथा लोग दोपहिया वाहन चलाते समय अनिवार्य रूप से हेलमेट पहनें, इसके लिए सख्ती जारी रहेगी। टार्गेट पूरा करने कार्रवाई का आरोप गलत है। रोड एक्सीडेंट में कमी लाने ट्रैफिक उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्ती की जा रही है। इसका असर दिखने लगा है। सख्ती की वजह से रोड एक्सीडेंट में कमी आई है और एक्सीडेंट में मृत्युदर कम हुआ है।

एक्सीडेंट पर लगा अंकुश
राजधानी में जनवरी के अंतिम सप्ताह में 23 जनवरी से पुलिस कमिश्नरेट प्रणाली लागू की गई है। पुलिस कमिश्नरेट लागू होने के बाद ग्रामीण तथा शहरी क्षेत्र की पुलिसिंग व्यवस्था के साथ ग्रामीण थाना क्षेत्र में ट्रैफिक कंट्रोल करने अलग से ट्रैफिक पुलिस की व्यवस्था
की गई है। जनवरी, फरवरी में जहां 219 तथा 199 सड़क दुर्घटना में क्रमशः 80 तथा 61 लोगों की मौत हुई थी। मार्च में 157 सड़क दुर्घटना में 50 लोगों की जानें गई हैं। सख्ती के चलते सड़क दुर्घटना में 29 प्रतिशत की कमी आने के साथ मृत्यु दर में 37.5 प्रतिशत की कमी आई है।

चौराहों पर अनाउंस कर समझाइश दे रहे
दोपहिया वाहन चालक अनिवार्य रूप से हेलमेट पहन कर दोपहिया चलाएं, इसके लिए ट्रैफिक पुलिस शहर के सभी प्रमुख चौराहों पर लाउड स्पीकर से लोगों को ट्रैफिक नियमों का हलावा देकर हेलमेट पहन कर दोपहिया चलाने समझाइश दे रही है। इसके साथ ही लोगों को परेशानी से बचने ट्रैफिक नियमों का अनिवार्य रूप से पालन करने प्रेरित कर रही है।

लोग टार्गेट पूरा करने का लगा रहे आरोप
हेलमेट तथा अन्य ट्रैफिक उल्लंघन को लेकर काटे जा रहे ई-चालान को लेकर लोग ट्रैफिक पुलिस पर टार्गेट पूरा करने हेलमेट सहित अन्य कार्रवाई करने का आरोप लगा रहे हैं। इस संबंध में पुलिस कमिश्नर डॉ. संजीव शुक्ला तथा ट्रैफिक डीसीपी विकास कुमार से संपर्क करने पर दोनों अफसरों ने साफ तौर पर कहा कि उनका लक्ष्य रोड एक्सीडेंट पर अंकुश लगाने के साथ लोगों की जान-माल की कैसी सुरक्षा की जाए, इस पर फोकस है। दोनों अफसरों ने टार्गेट पूरा करने जैसी बात का खंडन किया है।

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