haribhoomi hindi news
मनेन्द्रगढ़ जिले में तेंदुआ घर में घुसने से दहशत फैल गई। वन विभाग ने रेस्क्यू कर तेंदुए को सुरक्षित पकड़ा, वहीं हाल के हमलों के बाद ग्रामीणों में डर का माहौल बना हुआ है।

कमालुद्दीन अंसारी- कोरिया। छत्तीसगढ़ के मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले के वन मंडल में एक बार फिर तेंदुए की आमद से ग्रामीणों में दहशत का माहौल है। ताजा मामला जनकपुर वन परिक्षेत्र के ग्राम खिरकी का है, जहां निवासी हरीशचंद्र यादव के घर में अचानक तेंदुआ घुस आया।

पूरे गांव में मचा हड़कंप
मिली जानकारी के अनुसार, तेंदुआ भटकते हुए रिहायशी इलाके में पहुंच गया और सीधे घर के भीतर जा घुसा। जैसे ही इसकी जानकारी गांव में फैली, पूरे इलाके में हड़कंप मच गया। घर के अंदर तेंदुए को देखकर परिवार के लोग घबरा गए, लेकिन किसी तरह खुद को सुरक्षित बाहर निकालने में सफल रहे।

वन विभाग ने पूरे क्षेत्र में घेराबंदी की
घटना की सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम तत्काल मौके पर पहुंची और पूरे क्षेत्र की घेराबंदी कर दी गई। इसके बाद विशेषज्ञों और प्रशिक्षित कर्मचारियों की मदद से सावधानीपूर्वक रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया गया। कड़ी मशक्कत के बाद तेंदुए को सुरक्षित काबू में कर लिया गया।

तेंदुए को सुरक्षित वन क्षेत्र में छोड़ा जाएगा
वन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि, राहत की बात यह रही कि इस घटना में किसी भी ग्रामीण को कोई नुकसान नहीं पहुंचा। पकड़े गए तेंदुए को सुरक्षित वन क्षेत्र में छोड़ा जाएगा और इलाके में गश्त बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं।

कुछ दिन पहले भी हो चुका है हमला
गौरतलब है कि, इससे पहले 9 अप्रैल को जनकपुर क्षेत्र के ग्राम पंचायत महदौली के बरछा (मैरटोला) में तेंदुए के हमले में दो ग्रामीण गंभीर रूप से घायल हो गए थे। जानकारी के अनुसार रामसरण बैगा (42 वर्ष) अपने खेत में अरहर की फसल काट रहे थे, तभी खेत में छिपे तेंदुए ने उन पर हमला कर दिया, जिससे उनके पैर में गंभीर चोट आई।

एक युवक के चेहरे और कंधे पर आईं गंभीर चोटें 
वहीं पास ही गेहूं की कटाई कर रहे विजय सिंह (45 वर्ष) पर भी तेंदुए ने हमला कर दिया, जिसमें उनके चेहरे और कंधे पर गंभीर चोटें आईं। दोनों घायल किसी तरह जान बचाकर घर पहुंचे और उन्हें तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र जनकपुर में भर्ती कराया गया, जहां उनका उपचार जारी है। लगातार हो रही घटनाओं के चलते क्षेत्रवासियों में भय का माहौल है और ग्रामीणों ने वन विभाग से गश्त बढ़ाने व स्थायी समाधान की मांग की है।

(छत्तीसगढ़ के जिले, कस्बे और गांवों की खबरों के लिए हरिभूमि का "ई-पेपर" पढ़ें। यहां क्लिक करें "epaper haribhoomi" या प्लेस्टोर से "हरिभूमि हिंदी न्यूज़" App डाउनलोड करें।)

7