Mileage Tips: आज के समय में बढ़ती ईंधन कीमतों के बीच हर वाहन चालक बेहतर माइलेज चाहता है। लोग आमतौर पर इंजन और ड्राइविंग स्टाइल पर ध्यान देते हैं, लेकिन एक छोटी सी चीज—टायर प्रेशर—अक्सर नजरअंदाज कर दी जाती है। जबकि सही टायर प्रेशर बनाए रखने से बिना किसी अतिरिक्त खर्च के माइलेज में सुधार किया जा सकता है।
टायर प्रेशर का माइलेज पर असर
टायर वाहन और सड़क के बीच एकमात्र संपर्क बिंदु होते हैं। जब टायर में हवा कम होती है, तो वे ज्यादा फैलते हैं और सड़क के साथ घर्षण (रोलिंग रेजिस्टेंस) बढ़ जाता है। इससे इंजन को वाहन चलाने के लिए अधिक मेहनत करनी पड़ती है, जिससे फ्यूल खपत बढ़ जाती है।
थोड़ी कमी भी डालती है फर्क
विशेषज्ञों के अनुसार, टायर प्रेशर में मामूली कमी भी माइलेज पर असर डालती है। हर 1 PSI कम होने पर फ्यूल एफिशिएंसी घट सकती है। कई बार वाहन लंबे समय तक कम प्रेशर पर चलते रहते हैं, जिससे ड्राइवर को पता भी नहीं चलता और माइलेज कम होता रहता है।
सही प्रेशर से कैसे बढ़ता है माइलेज
जब टायर सही प्रेशर पर होते हैं, तो वे सड़क पर आसानी से घूमते हैं और कम प्रतिरोध पैदा करते हैं। इससे इंजन पर लोड कम पड़ता है और फ्यूल की खपत घटती है। इसके विपरीत, कम प्रेशर वाले टायर ड्रैग बढ़ाते हैं, जिससे एक्सेलेरेशन के दौरान ज्यादा ईंधन खर्च होता है।
शहर और हाईवे में असर
शहर में बार-बार ब्रेक और एक्सेलेरेशन के कारण कम टायर प्रेशर का असर ज्यादा दिखता है। वहीं हाईवे पर इसका प्रभाव थोड़ा कम होता है, लेकिन सही प्रेशर बनाए रखने से स्थिर गति और बेहतर फ्यूल एफिशिएंसी मिलती है।
अन्य फायदे
सही टायर प्रेशर से बेहतर ग्रिप, बेहतर ब्रेकिंग और स्मूद हैंडलिंग मिलती है। साथ ही टायर समान रूप से घिसते हैं, जिससे उनकी उम्र बढ़ती है। कम प्रेशर टायर को ज्यादा गर्म कर सकता है, जिससे नुकसान या फटने का खतरा भी बढ़ जाता है।
कैसे रखें सही टायर प्रेशर
टायर प्रेशर महीने में कम से कम एक बार जरूर चेक करें। हमेशा ठंडे टायर में ही प्रेशर मापें और वही प्रेशर रखें जो वाहन निर्माता ने सुझाया हो। यह जानकारी आमतौर पर ओनर मैनुअल या डोर फ्रेम पर मिल जाती है।
छोटी सी आदत—सही टायर प्रेशर—आपके खर्च, सुरक्षा और माइलेज तीनों में बड़ा फर्क ला सकती है।
(मंजू कुमारी)










