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महासमुंद ने पुलिस ने 106 करोड़ से अधिक के अवैध मिनरल ट्रेड का खुलासा किया है। आयरन की चोरी कर उसे फर्जी बिलों के जरिए विभिन्न कंपनियों में खपाया जा रहा था।

मनहरण सोनवानी- महासमुंद। छत्तीसगढ़ के महासमुंद ने पुलिस ने 106 करोड़ से अधिक के अवैध मिनरल ट्रेड का खुलासा किया है। पुलिस ने बताया कि, हाईवे पर ट्रकों के माध्यम से स्पंज आयरन की चोरी कर उसे फर्जी बिलों के जरिए विभिन्न कंपनियों में खपाया जा रहा था। इस मामले में पुलिस ने मास्टरमाइंड सहित रायगढ़ की इस्पात कंपनी के संचालक तारक घोष और रंजीत सिंह समेत 5 आरोपियों को गिरफ्तार किया है।

मिली जानकारी के अनुसार, इस अवैध व्यापार के लिए तीन मजदूरों के नाम पर शेल कंपनियां बनाकर फर्जी इनवॉइसिंग की जाती थी। इन कंपनियों के जरिए बड़े उद्योगों के नाम पर बिल तैयार किए जाते थे, जबकि वास्तविक स्पंज आयरन चोरी और अवैध भंडारण के माध्यम से लाया जाता था। इसके बाद फर्जी दस्तावेजों के सहारे हाईवे से परिवहन कर बिचौलियों के माध्यम से विभिन्न कंपनियों में खनिज को खपाया जाता था। इस पूरे नेटवर्क में करीब 106 करोड़ रुपए से अधिक का ट्रेड और लेनदेन सामने आया है, जो अब जांच के दायरे में है। संभावना है कि इस मामले में कई और कंपनियां और नए आरोपी भी जांच के घेरे में आ सकते हैं। 

इन धाराओं के तहत केस दर्ज 
इस मामले में बसना थाना में बीएनएस की धारा 318(4), 316(4), 317(2), 336(2), 338, 340, 3(5) के अंतर्गत अपराध दर्ज कर ​मास्टरमाइंड सहित रायगढ़ की इस्पात कंपनी के संचालक तारक घोष और रंजीत सिंह समेत 5 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। जांच के दौरान यह भी सामने आया कि रायगढ़ जिले के गढ़उमरिया (पुसौर) स्थित एक इस्पात कंपनी के संचालक तारक घोष द्वारा फर्जी बिल उपलब्ध कराए जाते थे।

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