कवर्धा। छत्तीसगढ़ के कवर्धा जिले में संचालित शासकीय उचित मूल्य दुकानों की स्थिति को लेकर अब संचालकों में भारी नाराजगी देखने को मिल रही है। अपनी विभिन्न समस्याओं को लेकर जिले भर से सैकड़ों की संख्या में सोसायटी संचालक कलेक्ट्रेट पहुंचे और प्रशासन के समक्ष अपनी बात रखने का प्रयास किया। इस दौरान संचालकों ने आरोप लगाया कि खाद्य विभाग के अधिकारी ने उनकी समस्याओं को सुनने के बजाय कार्यालय से भगा दिया, जिससे कर्मचारियों में आक्रोश और बढ़ गया।
नाराज संचालकों ने बाद में कलेक्टर के नाम अपर कलेक्टर विनय पोयाम को ज्ञापन सौंपकर अपनी समस्याओं से अवगत कराया। ज्ञापन प्राप्त करने के बाद अपर कलेक्टर ने संचालकों को आश्वस्त किया कि उनकी मांगों और शिकायतों को शासन तक पहुंचाया जाएगा तथा जल्द से जल्द समाधान निकालने का प्रयास किया जाएगा।
कवर्धा जिले में संचालित शासकीय उचित मूल्य दुकानों के सोसायटी संचालक कलेक्ट्रेट पहुंचे। संचालकों ने खाद्य विभाग के अधिकारी पर भगाने का आरोप लगाया। pic.twitter.com/CNdtdhNpsw
— Haribhoomi (@Haribhoomi95271) April 10, 2026
संचालकों ने जबरन काम करवाने का लगाया आरोप
सोसायटी संचालकों का कहना है कि जिले में 500 से अधिक शासकीय उचित मूल्य की दुकानें संचालित हो रही हैं, लेकिन पिछले 12 महीनों से उन्हें कमीशन की राशि नहीं मिली है। स्थिति यह है कि एक-एक दुकान पर एक लाख रुपये से अधिक की राशि बकाया हो चुकी है, जिससे संचालकों को आर्थिक संकट का सामना करना पड़ रहा है। इस तरह पूरे जिले में करोड़ों रुपये का भुगतान लंबित है। आरोप लगाया कि खाद्य विभाग द्वारा उन पर दबाव बनाकर जबरन काम लिया जा रहा है।
उग्र आंदोलन की चेतावनी
उन्होंने आगे कहा कि, राशन के रूप में आने वाले चावल की गुणवत्ता भी खराब बताई जा रही है, जिसके कारण हितग्राहियों की नाराजगी का सामना भी संचालकों को ही करना पड़ता है। यदि जल्द ही उनकी मांगों पर कार्रवाई नहीं हुई और बकाया कमीशन का भुगतान नहीं किया गया, तो जिले भर के उचित मूल्य दुकान संचालक दुकानें बंद कर उग्र आंदोलन करने को मजबूर होंगे।









