बिलासपुर। जिले में स्थित ब्रिलियंट पब्लिक और नारायणा टेक्नो स्कूल में सीबीएसई कोर्स की पढ़ाई कराने के बाद स्टूडेंट्स को सीजी बोर्ड का एग्जाम दिलाया गया। इसे लेकर हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा की डिवीजन बेंच ने नाराजगी जाहिर की है। हाईकोर्ट ने मामले में शिक्षा सचिव को शपथपत्र के साथ जवाब मांगा है। मामले की अगली सुनवाई 8 अप्रैल को होगी।
दरअसल, राज्य सरकार ने इस बार 5वीं और 8वीं के एग्जाम बोर्ड स्तर पर आयोजित करने का आदेश जारी किया। ऐसे में वो प्राइवेट स्कूल जिन्हें सीबीएसई की मान्यता नहीं है, उनके बच्चों को पांचवीं और आठवीं कक्षा में सीजी बोर्ड का एग्जाम देना पड़ा। जबकि स्कूल प्रबंधन ने इन बच्चों के लिए लोकल एग्जाम पहले ही आयोजित कर लिया था। ऐसे में पेरेंट्स ने कलेक्टर बंगले का भी घेराव किया था। इसी शासन के आदेश का हवाला देकर ब्रिलियंट पब्लिक स्कूल और नारायाणा टेक्नो स्कूल प्रबंधन ने भी पांचवीं और आठवीं के बच्चों को दोबारा सीजी बोर्ड एग्जाम दिलाने कहा।
स्कूल प्रबंधन की मनमानी
इस मामले की सुनवाई के दौरान चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा की डिवीजन बेंच को बताया गया कि प्रदेश में स्कूल प्रबंधन की मनमानी चल रही है। सुनवाई के दौरान राज्य शासन की तरफ से बताया कि सीबीएसई ने अपने मान्यता के नियम को सख्त कर दिया है। इसके तहत सीबीएसई उन स्कूलों को ही मान्यता देगा, जहां 12वीं कक्षा तक स्कूल संचालित है, जिन प्राइवेट स्कूलों को सीबीएसई से मान्यता नहीं है, वो राज्य शासन के नियम और निर्देशों के तहत संचालित है। इस पर डिवीजन बेंच ने शिक्षा सचिव को शपथपत्र के साथ इस मामले में जवाब पेश करने के लिए कहा है।









