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स्वामी आत्मानंद विद्यालयों में अध्ययनरत छात्रों को भी अब सालाना शुल्क देना होगा। शैक्षणिक सत्र 2026-27 से इसे लागू किया जाएगा।

रायपुर। स्वामी आत्मानंद विद्यालयों में अध्ययनरत छात्रों को भी अब सालाना शुल्क देना होगा। शैक्षणिक सत्र 2026-27 से इसे लागू किया जाएगा। अन्य शासकीय विद्यालयों में छात्रों के लिए जो शुल्क निर्धारित है. वही राशि स्वामी आत्मानंद विद्यालय के छात्र भी प्रदान करेंगे। 

राज्य के शासकीय एवं अनुदान प्राप्त विद्यालयों में हाईस्कूल अर्थात नवमी और दसवीं कक्षा में 410 रुपए और उच्चतर माध्यमिक विद्यालय अर्थात ग्यारहवीं और बारहवीं कक्षा में 445 रुपए निर्धारित है। गुरुवार को हुई स्वामी आत्मानंद विद्यालयों के प्राचार्यों की बैठक में फंड संबंधित कई तरह की समस्याएं प्राचार्यों ने सामने रखी थी। इसके बाद यह निर्णय लिया गया है। इस संदर्भ में पृथक आदेश स्कूलों के लिए नवीन शैक्षणिक सत्र प्रारंभ होने के पूर्व जारी कर दिया जाएगा।  

प्राचार्यों ने बताई दिक्कतें 
वर्तमान में स्वामी आत्मानंद विद्यालयों में शुल्क नही लिया जा रहा है। सभी शासकीय स्कूलों में समानता की दृष्टि से स्वामी आत्मानंद विद्यालय में भी शुल्क लिए जाने की बात कही गई है। गौरतलब है, गुरुवार को प्रदेशभर के 751 स्वामी आत्मानंद विद्यालयों के प्राचार्यों की बैठक राजधानी रायपुर में आयोजित की गई थी। बैठक में स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव भी शामिल हुए थे, जहां प्राचार्यों ने समय पर वेतन नहीं मिलने, फंड में कमी के कारण व्यवस्था संचालन संबंधित दिक्कतें गिनाई थी।

इन मदों में लेंगे शुल्क

मद    हाईस्कूल उमा
कार्यकलाप   50 50
निर्धन छात्र 10 10
सहायता निधि    
विज्ञान क्लब निधि 10 10
बालचर निधि 50 50
रेडक्रॉस निधि 30 30
कीड़ा शुल्क 50 65
विज्ञान क्लब 10 10
प्रायोगिक शुल्क 50 70
परीक्षा शुल्क   150 150
योग 410 445

इसलिए फैसला
कांग्रेस शासनकाल में स्वामी आत्मानंद विद्यालय योजना प्रारंभ की गई थी। शासकीय विद्यालयों में इंग्लिश माध्यम से पढ़ाई कराए जाने के साथ ही इसे निशुल्क करने का भी निर्णय लिया गया। एक रुपए भी शुल्क का भुगतान यहां अध्ययनरत छात्रों को नहीं करना पड़ता था। स्वामी आत्मानंद विद्यालय संचालन के लिए शासन द्वारा प्रत्येक विद्यालय को 5 लाख रुपए प्रदान किए जाते थे। इस राशि से विद्यालयीन व्यवस्था की जाती थी। बीते दो सत्रों से स्वामी आत्मानंद विद्यालयों को मिलने वाले फंड में कमी आई है। इसके अतिरिक्त फंड भी विलंब से प्रदान किया जा रहा है। आर्थिक समस्या को देखते हुए अब निर्णय लिया गया है कि अन्य शासकीय विद्यालयों की तर्ज पर स्वामी विवेकानंद विद्यालय में भी छात्रों से शुल्क लिया जाएगा, ताकि व्यवस्था पूर्ववत संचालित होती रही।

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