दुर्ग। छत्तीसगढ़ के जिले के बघेरा स्थित सांस्कृतिक भवन में उद्यमिता को बढ़ावा देने और युवाओं व महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक सराहनीय पहल देखने को मिली। छत्तीसगढ़ राज्य औद्योगिक निगम, रायपुर के प्रायोजन और भावसर फाउंडेशन के सहयोग से आयोजित दो साप्ताहिक उद्यमिता विकास कार्यक्रम सफलतापूर्वक सम्पन्न हुआ।
इस प्रशिक्षण कार्यक्रम ने स्थानीय प्रतिभागियों को स्वरोजगार की दिशा में आगे बढ़ने के लिए नई सोच, कौशल और अवसर प्रदान किए। 30 मार्च 2026 से 10 अप्रैल 2026 तक आयोजित इस कार्यक्रम में प्रतिभागियों को स्वरोजगार और रोजगार से जुड़ी विस्तृत जानकारी दी गई। प्रशिक्षण के दौरान उद्योग स्थापना की प्रक्रिया, उद्यमशीलता के गुण, सफल उद्यमी बनने के टिप्स, विपणन कौशल, उत्पाद गुणवत्ता नियंत्रण, पैकेजिंग, डिजाइनिंग और उद्यम प्रबंधन जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विशेषज्ञों ने मार्गदर्शन दिया।
30 स्थानीय प्रतिभागियों ने उठाया लाभ
विशेष रूप से खाद्य प्रसंस्करण इकाइयों की स्थापना और उससे संबंधित शासकीय योजनाओं की भी विस्तार से जानकारी दी गई। इसके साथ ही प्रतिभागियों को बाजार की संभावनाओं, बाजार सर्वेक्षण और व्यवसाय विस्तार के तरीकों के बारे में भी प्रशिक्षित किया गया। इस कार्यक्रम में कुल 30 स्थानीय प्रतिभागियों ने हिस्सा लेकर इसका लाभ उठाया।
रोजगार के अवसर देने का दिया संदेश
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि जिला मंडल अध्यक्ष कमलेश फेकर और महिला मंडल अध्यक्ष दिनेश्वरी तुरके ने प्रतिभागियों को संबोधित करते हुए स्वरोजगार को अपनाकर न केवल खुद आगे बढ़ने, बल्कि दूसरों के लिए भी रोजगार के अवसर पैदा करने का संदेश दिया। उन्होंने सभी प्रतिभागियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए उन्हें प्रमाण-पत्र भी वितरित किए। कार्यक्रम के समापन पर प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्यम उन्नयन योजना के जिला रिसोर्स पर्सन शादाब अहमद खान ने सभी का आभार व्यक्त किया।
इनकी रही अहम भूमिका
इस आयोजन को सफल बनाने में बघेरा नारी शक्ति संगठन की महिलाओं का विशेष योगदान रहा, जिनके सहयोग से अधिक से अधिक महिलाओं की सहभागिता सुनिश्चित हो पाई। गीता राजपूत, कमलेश्वरी यादव, हेमलता राजपूत, लता साहू और दिनेश्वरी सहित अन्य महिलाओं की सक्रिय भूमिका उल्लेखनीय रही।
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