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दंतेवाड़ा जिले में इंस्टाग्राम रील ने खोला 9 दुर्लभ भारतीय विशाल गिलहरियों के शिकार का राज। वन विभाग ने आरोपी को गिरफ्तार कर 11 सदस्यीय गिरोह का खुलासा किया।

पंकज सिंह भदौरिया- दंतेवाड़ा। सोशल मीडिया का शौक अब अपराधियों के लिए जाल साबित हो रहा है। दंतेवाड़ा में एक शिकारी को इंस्टाग्राम पर बनाई गई रील भारी पड़ गई। वन विभाग ने गीदम वनपरिक्षेत्र के कटुलनार इलाके से 9 दुर्लभ विशाल गिलहरियों का शिकार करने वाले आरोपी बंशीराम कोवासी को गिरफ्तार कर लिया है।

मिली जानकारी के अनुसार, यह पूरा मामला तब सामने आया जब एक युवक ने 32 सेकेंड का वीडियो इंस्टाग्राम पर अपलोड किया, जिसमें वह नक्सली हिड़मा के गाने 'ओ रे बंदूक वाले हमारे हक की जंग है हिड़मा' पर शिकार की तस्वीरें दिखा रहा था। यह रील जैसे ही सोशल मीडिया पर वायरल हुई, वन विभाग की टीम सतर्क हो गई।

आरोपी का लोकेशन ट्रेस करने से आया पकड़ में
छत्तीसगढ़ की एंटी-पोचिंग यूनिट, राज्य स्तरीय फ्लाइंग स्क्वायड और दंतेवाड़ा वन विभाग ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए वीडियो के आधार पर आरोपी का लोकेशन ट्रेस की और उसे पकड़ने में सफलता हासिल की।

दुर्लभ प्रजाति का शिकार, गंभीर अपराध
जिस जीव का शिकार किया गया, वह इंडियन जाएंट स्क्विरल यानी भारतीय विशाल गिलहरी है, जो एक दुर्लभ प्रजाति मानी जाती है और महाराष्ट्र का राज्य पशु भी है। इस प्रजाति का शिकार करना कानूनन गंभीर अपराध है। वाइल्डलाइफ प्रोटेक्शन एक्ट के तहत ऐसे मामलों में आरोपी को कम से कम 7 साल की सजा का प्रावधान है। वन विभाग को आरोपी के पास से एक भालू की खाल और शिकार में इस्तेमाल किए गए वायर भी बरामद हुए हैं।

11 लोगों का गिरोह, जंगल में दो बार किया शिकार
पूछताछ में आरोपी बंशीराम ने चौंकाने वाला खुलासा किया। उसने बताया कि, पारंपरिक पर्व के दौरान अबूझमाड़ के तोड़मा गांव में 11 लोगो के साथ मिलकर शिकार करने गए थे। पहली बार उन्होंने 2 विशाल गिलहरियों को मारा, जबकि दूसरी बार 9 गिलहरियों का शिकार किया गया। आरोपी ने यह भी कबूल किया कि सभी ने मिलकर इनका मांस खा लिया।

वन विभाग की कार्रवाई तेज
गीदम की वनपरिक्षेत्र अधिकारी ज्योत्स्ना पांडे ने बताया कि आरोपी को मोबाइल लोकेशन के आधार पर गिरफ्तार किया गया है। मामले में कुल 11 आरोपी शामिल हैं, जिनकी तलाश के लिए टीम लगातार कार्रवाई कर रही है। उन्होंने कहा कि, यह मामला वन्यजीव संरक्षण के लिए बेहद गंभीर है और सभी आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

सोशल मीडिया बना सबूत
यह मामला इस बात का उदाहरण है कि अपराध के बाद सोशल मीडिया पर दिखावा करना किस तरह खुद के खिलाफ सबूत बन सकता है। इंस्टाग्राम पर बनाई गई एक छोटी सी रील ने पूरे शिकार कांड का पर्दाफाश कर दिया। वन विभाग अब अन्य आरोपियों की तलाश में जुटा है और आने वाले दिनों में और गिरफ्तारियां होने की संभावना है।

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